शिकायतों की पुष्टि के लिए सीओ कैंट अरुण कुमार यश के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने पहले गुप्त रूप से निगरानी की। इसके बाद एक पुलिसकर्मी को सादे कपड़ों में ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर भेजा गया। वहां देह व्यापार के लिए सौदेबाजी होने की पुष्टि मिलते ही बाहर मौजूद पुलिस टीम ने छापा मारकर तीन लोगों को मौके से पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में धर्मशाला बाजार निवासी विक्की वर्मा, चंडीगढ़ का रहने वाला और वर्तमान में पैडलेगंज गुरुद्वारा गली में रह रहा मंदीप सिंह एवं शाहपुर क्षेत्र की एक महिला शामिल है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मंदीप सिंह स्पा सेंटर के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता था, जबकि महिला कम उम्र की लड़कियों को नौकरी और बेहतर आय का झांसा देकर स्पा सेंटर तक लाने का काम करती थी।
पुलिस टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी लड़कियों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया और इस गतिविधि का दायरा कितना बड़ा था। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, दस्तावेज और अनैतिक कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री कब्जे में ली है। टीम नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है।
एसपी सिटी का कहना है कि फरार स्पा संचालक की तलाश जारी है और मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रामगढ़ताल थाने में आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।