तारामंडल रोड स्थित एक नर्सिंग होम के मैनेजर विकास मणि त्रिपाठी को भी पुलिस ने जेल भेजा है। एसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि ये लोग मरीज को बेहतर इलाज का झांसा देकर सरकारी अस्पताल से निजी नर्सिंग होम पहुंचाते हैं। फिर सेटिंग से रुपये लेते हैं। एक मरीज के बदले 20 से 25 हजार रुपये मिलते हैं। मरीज का ऑपरेशन होता है, तो अतिरिक्त राशि मिलती है।
डीआईजी बंगला के सामने की थी फायरिंग
हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर एक साल पहले डीआईजी बंगला के सामने नर्सिंग होम पर फायरिंग की थी। उस समय भी मामला मरीज को भर्ती कराने और रंगदारी वसूलने का ही था। उस समय पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद एक बार फिर आरोपियों ने मरीजों को नर्सिंग होम पहुंचाकर रंगदारी वसूलने का काम शुरू कर दिया। इस बार पुलिस ने आरोपियों पर गंभीर धारा लगाई है। साथ ही पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
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सूरज और राहुल पर दर्ज हैं 13-13 मुकदमे
हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह और उसके साथी राहुल शर्मा पर 13-13 मुकदमे दर्ज हैं। सूरज पर रामगढ़ताल थाने में रंगदारी, डकैती, धमकी, कैंट में सात मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा रामगढ़ताल में मेडिकल एक्ट का भी केस दर्ज है। सूरज हत्या की कोशिश का भी आरोपी है। राहुल पर भी रामगढ़ताल, कैंट, बेलीपार, सिकरीगंज में हत्या की कोशिश, जालसाजी, धमकी, आर्म्स एक्ट मारपीट, डकैती के केस दर्ज हैं। विकास और दीपू पहली बार जेल गए हैं।
अस्पताल माफियाओं की तैयार हो रही सूची, करेंगे कार्रवाई
एसपी सिटी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस लगातार अस्पताल माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की मदद से बिना पंजीकृत अस्पतालों की सूची हासिल कर ली है। सभी थाना से सूची का सत्यापन हो रहा है। अस्पताल माफियाओं को चिह्नित कर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।