गोरखपुर। नकली सोना दिखाकर गोल्ड लोन लेने की कोशिश करने वाले दो जालसाजों को कैंट पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने धोखाधड़ी के उद्देश्य से बैंक में खाता खुलवाया और अगले ही दिन सोना गिरवी रखकर लोन लेने पहुंचे थे। जांच के दौरान सोना नकली मिलने पर बैंक प्रबंधन ने कैंट थाने में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आईडीबीआई बैंक के मैनेजर प्रसून कुमार ने बुधवार को कैंट थाने में तहरीर देकर चौरीचौरा के लक्ष्मणपुर बिस्वा निवासी दुर्गविजय कुमार और झंगहा के ब्रह्मपुर निवासी सरवन कुमार निषाद के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस प्राथमिकी दर्ज दोनों की तलाश में जुटी थी।
बैंक मैनेजर के मुताबिक, दोनों आरोपी 19 अगस्त को कार्यालय समय में बैंक पहुंचे। दोनों आरोपियों ने 18 अगस्त को ही बैंक में खाता खुलवाया था। इसके बाद दोनों ने गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया और बैंक में सोना प्रस्तुत किया। बैंक कर्मचारियों ने लोन की प्रक्रिया के तहत सोने की जांच की तो वह नकली निकला। इसके बाद बैंक प्रबंधन को आरोपियों की मंशा पर संदेह हुआ। धोखाधड़ी की आशंका में मैनेजर ने दोनों के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी।
गोलघर चौकी प्रभारी अवनीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया। बैंक मैनेजर ने बताया कि गोल्ड लोन देने से पहले सोने की बारीकी से जांच कराई जाती है। इसके लिए बैंक में अलग कर्मचारी नियुक्त हैं। जांच प्रक्रिया के चलते नकली सोना गिरवी रखकर लोन लेना आसान नहीं है। सीओ कैंट कीर्तिनिधि आनंद ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।