कुलपति के साथ मंच पर मुख्य अतिथि 1980 बैच के पूर्व छात्र नेशनल हाइड्रो पावर कार्पोरेशन के पूर्व निदेशक व लैंको लिमिटेड के सीईओ एसके मित्तल और विशिष्ट अतिथि 1985 बैच के पूर्व छात्र लोक निर्माण विभाग के पूर्व अधीक्षण अभियंता प्रेम प्रकाश, एलुमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष ई. जीबी राय, सचिव प्रो. वीके द्विवेदी, एमपी कंडोई, प्रो. पीके सिंह आयोजक के रूप में मौजूद रहे।
उसके बाद शुरू हुआ विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी यादों को साझा करने और अपने अनुभव का लाभ वर्तमान छात्रों को देने का सिलसिला। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में 'ह्यूमिलिटी और ह्यूमैनिटी', 'लीडरशिप, इंटरप्रेन्योरशिप और ओनरशिप' का मंत्र दिया और मानवता की यथासंभव सेवा का संकल्प दिलाया।
कुलपति प्रो. सैनी ने पूर्ववर्ती इंजीनियरिंग काॅलेज के विश्वविद्यालय के रूप में पुनर्स्थापित होने की स्मृतियों की चर्चा करते हुए विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए अपनी योजनाएं साझा कीं। अतिथियों का स्वागत जेबी राय और आभार ज्ञापन प्रो. वीके द्विवेदी ने किया। एमपी कंडोई, प्रसून शुक्ला और डाॅ. प्रभाकर तिवारी ने अपने-अपने बैच का प्रतिनिधित्व संबोधन दिया।
स्मारिका का विमोचन
अंत में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र राजेश्वर सिंह की पुस्तक और एलुमिनाई एसोसिएशन की स्मारिका का विमाेचन अतिथियों के द्वारा किया गया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मालवीयंस पुरस्कृत
प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आईएएस विशाल सिंह व आईएएस अंजनी कुमार सिंह (1995 बैच), उद्यमिता विकास के लिए किशोरी लाल रामराइका (1973 बैच), अकादमिक योगदान के लिए प्रो. एपी मित्तल (1975 बैच) और सामाजिक कार्य के लिए सुरेश तिवारी (1972 बैच) को मालवीय डिस्टिंग्विश्ड एलुमनी सम्मान दिया गया। इसके अलावा आमंत्रित गोल्डन जुबिली बैच, सिल्वर जुबिली बैच, डिकेड बैच सहित अन्य पुरातन छात्रों को भी सम्मानित किया गया।
परिसर में घूमकर बदलाव पर की चर्चा
एलुमिनाई मीट में आए करीब 300 पुराने छात्रों ने परिसर को घूमकर देखा। हाॅस्टल के उन कमरों में गए, जहां उनके छात्र जीवन की यादें बसी थीं। पुराने प्रसंगों पर खुल कर चर्चा की तो इंजीनियरिंग काॅलेज से विश्वविद्यालय बनने के दौरान हुए बदलाव की चर्चा में भी मशगूल रहे। कुछ बदलाव से प्रसन्न दिखे तो कुछ बेहतरी का सुझाव देने से खुद को नहीं रोक सके। दोपहर बाद आमसभा की बैठक हुई और सांस्कृतिक आयोजनों से विश्वविद्यालय परिसर गुलजार रहा।
एलईडी स्क्रीन पर अपनी प्रोफाइल देख उछल पड़े एलुमिनाई
इस बार एलुमिनाई एसोसिएशन ने बायो-स्केच का इंतजाम किया था। गोल्डन जुबिली, सिल्वर जुबिली और डिकेड बैच के पुरातन छात्रों के छात्र व वर्तमान जीवन के चित्रों का यह बायो-स्केच जब एलईडी स्क्रीन पर उभरा तो अपनी प्रोफाइल देख एलुमिनाई उछल पड़े। हर प्रोफाइल पर उठने वाला शोर इस बात की गवाही था कि एसोसिएशन का प्रयोग उन्हें पसंद आया है।