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Gorakhpur News: दो दोषियों को उम्रकैद, ढाई साल बाद जेल से रिहा हुई रेलवे कर्मी की पत्नी शादिया

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रेलवे कर्मी हत्याकांड : कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर अफरोज आलम की पत्नी को दोषमुक्त किया
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नाबालिग मुख्य आरोपी का मामला किशोर न्याय बोर्ड में लंबित, जल्द आएगा फैसला
- 24 मई 2023 की रात रेलवे कर्मी की तलवार से गर्दन रेतकर की गई थी हत्या

गोरखपुर। गोरखनाथ इलाके के वजीराबाद कॉलोनी में 24 मई 2023 को हुई रेलवे के सीनियर टेक्नीशियन अफरोज आलम की हत्या में उनकी पत्नी शादिया को दोषमुक्त कर दिया गया है। सिविल कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। वहीं, हुमायूंपुर उत्तरी निवासी इरशाद उर्फ दिलशाद और दिग्विजयनगर कॉलोनी निवासी इरफान अंसारी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मुख्य आरोपी नीट छात्र नाबालिग है, उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है। जल्द फैसला आने की उम्मीद है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में दावा किया था कि शादिया ने अपने पति को नींद की दवा दी, जिससे वह बेसुध हो गया। इसके बाद नाबालिग नीट छात्र ने अपने दोस्त इरफान और इरशाद के साथ मिलकर हत्या की। पुलिस के अनुसार, इरशाद ने अफरोज के पैर पकड़े, इरफान ने हाथ थामे और मुख्य आरोपी छात्र ने तलवार से गला रेत दिया। घटना में इस्तेमाल तलवार बरामद की गई और आरोपियों के कपड़े फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए थे।
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शुरुआती पुलिस थ्योरी के अनुसार, शादिया और छात्र के बीच संबंध थे। अफरोज को इसका पता चलने के बाद उसने छात्र को मकान से बाहर निकाल दिया, लेकिन वह बीच-बीच में आता-जाता रहा। पुलिस का दावा था कि शादिया ने हत्या की साजिश रची। पहले जहर देकर और फिर घटना के दिन से पहले छात्र ने हत्या की कोशिश भी की। लेकिन अकेला होने के कारण लौट गया।
कोर्ट ने साक्ष्यों की कमी को देखते हुए रेल कर्मी की पत्नी शादिया को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। इसके बाद शादिया को जेल से रिहा कर दिया गया। मुख्य आरोपी नाबालिग के अलावा इरशाद और इरफान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

हत्या की एफआईआर करने रेलकर्मी के भाई पहुंचे थे गोरखनाथ थाने
गोरखनाथ क्षेत्र के जटेपुर उत्तरी निवासी 50 वर्षीय अफरोज आलम अंसारी रेलवे में सीनियर टेक्नीशियन थे। वर्ष 2012 में वजीराबाद काॅलोनी में जमीन खरीदे और पांच मंजिला मकान बनवाकर पत्नी शादिया अंसारी के साथ रहते थे। उन्हें कोई बच्चा नहीं था। मकान के निचले तल पर वह रहते थे, जबकि चारों मंजिल के 15 कमरों को किराये पर दिए थे।
24 मई वर्ष 2023 की रात में दो बजे शादिया ने अफरोज के सबसे छोटे भाई जावेद अंसारी के मोबाइल फोन पर हत्या की जानकारी दी। जावेद अन्य भाइयों के साथ मौके पर पहुंचे तो कमरे की लाइट बंद थी। लाइट जलाने पर अफरोज का शव बेड से नीचे खून से लथपथ पड़ा था। उनकी गला रेत कर हत्या की गई थी। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। तत्कालीन एडीजी अखिल कुमार, एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर व एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था।

भाई ने रेलकर्मी की पत्नी पर दर्ज कराई थी प्राथमिकी
घटना के अगले दिन 25 मई को गोरखनाथ थाने में रेलकर्मी के भाई जावेद अंसारी ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि शादिया ने महराजगंज जिले के रहने वाले मुख्य आरोपी नीट छात्र और मोहल्ले के अरशद के साथ मिलकर हत्या की है। आरोप लगाया कि शादिया ने उन्हें रास्ते से हटाने की धमकी दी थी। रात 1:30 बजे योजनाबद्ध तरीके से इन लोगों ने तलवार से गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने रेलकर्मी की पत्नी भी प्राथमिकी दर्ज की थी।

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए आरोपी
घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में हत्यारोपी कैद हो गए। फुटेज देखने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी नीट छात्र को पहचान लिया। फुटेज में दिख रहे युवक आधी रात को पहुंचते हैं। गेट के पास खड़े होकर वह फोन करते हैं। गेट खुलने के बाद पहले सीढ़ी के रास्ते ऊपर जाते हैं और फिर नीचे आते हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि गेट को अरशद ने खोला था।
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पांच भाइयों में सबसे बड़े थे अफरोज आलम अंसारी
अफरोज पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनसे छोटे फिरोज, परवेज, सब्बू और जावेद जटेपुर उत्तरी स्थित पुराने मकान में परिवार के साथ रहते हैं। वहां पर भी अफरोज का आना-जाना था। इसे लेकर पत्नी से उनका कई बार विवाद हुआ था। छह माह पहले शादिया अपने मायके रसूलपुर चली गई थीं। अफरोज की तबीयत खराब होने पर फिर लौटीं और तबसे साथ थीं। गोरखनाथ के रसूलपुर मोहल्ले की रहने वाली शादिया से रेलकर्मी अफरोज का प्रेम संबंध 10 वर्ष से था। घटना में छह माह पूर्व कोर्ट मैरिज करने के बाद दोनों वजीराबाद स्थित मकान में साथ रहते थे।
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