रामलाल ने बताया कि बेटा उससे अलग रहकर कर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहा था। बेटे अर्जुन की पत्नी की मौत पहले ही हो चुकी है। उसके बेटे अर्जुन की तीन बेटियां 18 वर्षीय रंजना, 16 वर्षीय साधना और 14 वर्षीय आराधना है। अभी बड़ी पौत्री की भी शादी नहीं हो पाई है।
दूसरा बेटा भी बड़े भाई के परिवार की मदद करता था। कार चालक ने लापरवाही पूर्वक तेज गति से वाहन चलाकर उसके दोनों बेटों को चपेट में लिया। जिससे दोनों बेटों की मौत हो गई। हादसे में दोनों बेटों की मौत से परिवार बेसहारा हो गया।
चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव ने बताया कि कार चालक की लापरवाही से हादसा हुआ है। पीड़ित पिता की तहरीर पर कार चालक नाम पता अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मंगलवार को शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।