31 मई को वृष राशि में शुक्र ग्रह के अस्त होने से इसका प्रभाव कम हो जाएगा और शुभ फलों में भी कमी आने लगेगी। शुक्र विलासिता का कारक ग्रह है। इसलिए इसके प्रभाव से सभी राशि वालों को हर तरह के सुख में कमी आ सकती है।
शुक्र के कारण कई लोगों के वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। मुहूर्त चिंतामणिग्रंथ के अनुसार शुक्र अस्त होने के दौरान हर तरह के शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं। जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कामों की खरीदरी और अन्य संस्कार पूरे नहीं किए जा सकेंगे। इसके बाद 9 मई को शुक्र के उदय होने पर शुभ काम हो पाएंगे।
नहीं हो सकेंगे विवाह, गृह प्रवेश व अन्य शुभ काम
शुभ और मांगलिक मुहूर्त्त में गुरु और शुक्रका उदय रहना बहुत ही जरूरी होता है। इनके अस्त होने पर किसी भी प्रकार के शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जा सकते हैं। 31 मई को पश्चिम दिशा में शुक के अस्त होने से विवाह, मुण्डन, सगाई, गृहारम्भ, गृहप्रवेश, सूरज पूजा, प्रॉपर्टी और अन्य मांगलिक कामों की खरीदारी नहीं की जा सकती है।