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Gorakhpur News: हिस्ट्रीशीटर समेत दो गिरफ्तार, चार और पशु तस्करों के नाम आए सामने

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चौरीचौरा पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान तस्करों ने पुलिस वाहन व बैरिकेडिंग को बनाया था निशाना



घेराबंदी के दौरान पकड़ा गया तस्कर भेजा गया जेल, हिस्ट्रीशीटर से पूछताछ जारी



पिकअप से पुलिस की गाड़ी को मारी थी टक्कर, लग्जरी गाड़ी पलटने से युवक-युवती की मौत पर सवालिया निशान



गोरखपुर। पशु तस्करी के मामले में पुलिस ने अंतरजनपदीय गैंग से जुड़े हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चार अन्य तस्करों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। हिस्ट्रीशीटर को रविवार रात में हिरासत में लिया गया। वह वर्ष 2023 में ऑटो चालक की हत्या के मामले में पहले भी जेल जा चुका है।



उधर, घेराबंदी के दौरान पकड़े गए तस्कर खलीलाबाद के जंगल ऊन खरई निवासी दिनेश कुमार को रविवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। हिरासत में लिए गए हिस्ट्रीशीटर खलीलाबाद के बगमौल निवासी चंदन लोना से पूछताछ की जा रही है।
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चौरीचौरा थाना प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश शर्मा की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के जंगल ऊन खरई निवासी दिनेश कुमार और खलीलाबाद के बगमौल निवासी चंदन लोना के रूप में हुई है। पुलिस की पकड़ से दूर अन्य आरोपियों में गगहा थाना क्षेत्र के दी उरवीर निवासी अजय उर्फ मंगरू, बेलीपार थाना क्षेत्र के कसिहार निवासी संजय और दो अज्ञात लोग शामिल हैं।



सभी के खिलाफ हत्या की कोशिश, लोकसेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला, आपराधिक बल और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।



पुलिस के अनुसार, बीते शुक्रवार की रात चौरीचौरा पुलिस एसओजी टीम के साथ पशु तस्करों को पकड़ने के लिए घेराबंदी कर रही थी। फुटहवाइनार के पास गोरखपुर की ओर एक पिकअप जाती दिखी। पुलिस को देखकर चालक ने डिवाइडर पर चढ़ाकर लेन बदल लिया और भागने लगे। पुलिस के पीछा करने पर तस्करों ने पिकअप से पुलिस वाहन में टक्कर मार दी। इससे पुलिस गाड़ी का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।



भागने के दौरान तस्करों ने सड़क पर लगी कई पुलिस बैरिकेडिंग को भी पिकअप से तोड़ दिया। इसी बीच पिकअप में पीछे बैठा एक तस्कर चलती गाड़ी से कूदकर भागने लगा, जिसे पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। उसकी पहचान दिनेश कुमार के रूप में हुई। वहीं पिकअप समेत अन्य तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।



इसी दौरान एक तेज रफ्तार लग्जरी गाड़ी भी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए भाग निकली और गौरी बाजार क्षेत्र में जाकर पलट गई। हादसे में बिहार के सिवान के सिसवन मुड़ा निवासी मनीषा यादव (20) और हुसैनगंज थाना क्षेत्र के करनू निवासी अमित कुमार गोंड (22) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में सिवान के जीरादेई सैंसा खाल निवासी ब्रजेश यादव (25) गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का पुलिस की मौजूदगी में इलाज चल रहा है।



मामले की जांच की जा रही है। भागे आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।



- ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी नाॅर्थ



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पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के बीच बैरिकेडिंग तोड़कर भागी थी लग्जरी गाड़ी



चौरीचौरा क्षेत्र में पशु तस्करों के खिलाफ चल रही पुलिस चेकिंग के दौरान हुए सड़क हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जब टीम पशु तस्करों की घेराबंदी कर रही थी, इसी दौरान तस्करों के साथ एक लग्जरी गाड़ी पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए तेज रफ्तार में निकली। पीछा किए जाने के दौरान गाड़ी गौरी बाजार में जाकर पलट गई, जिसमें एक युवती समेत दो की मौत हो गई। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि चेकिंग के दौरान बैरिकेडिंग और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी। एसपी नाॅर्थ ज्ञानेंद्र का कहना है कि हादसे की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वाहन के रजिस्ट्रेशन, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।



अमित और मनीषा की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल



घटना में जान गंवाने वाले अमित कुमार गोंड और मनीषा यादव के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों की ओर से पूरे मामले में लापरवाही का आरोप भी लगाया जा रहा है, जिसे लेकर प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हादसे ने पुलिस चेकिंग के दौरान सुरक्षा मानकों और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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आपस में रिश्तेदार हैं लोना गैंग के सभी आरोपी



पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि उनका लोना गिरोह अंतरजनपदीय है। गैंग के सभी लोग आपस में रिश्तेदार हैं। सभी बिहार में बैठे मास्टरमाइंड के लिए मऊ, संतकबीरनगर, गोरखपुर समेत आसपास के जिलों से पशु तस्करी कर बिहार ले जाते हैं। इसके एवज में उन्हें अच्छी कीमत मिलती है। पुलिस पकड़े गए तस्करों से पूछताछ कर रही है।
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