उन्होंने बताया कि दोपहर एक बजे बैग लेकर शराफत आया। खोलने पर चार डिब्बा सुरक्षित था, लेकिन एक डिब्बे में ढाई किलो सोने की जगह रुई भरी थी। पूछने पर तीनों लोग जानकारी से इनकार कर दिए। तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ राजघाट थाने में शांति भंग में पुलिस ने चालान कर दिया।
उधर, बृहस्पतिवार को किशन की मां सीता ने आरोप लगाया गया था कि सराफ और उसके बेटे ने किशन को कमरे में बंद कर पीटा था। बाद में उसकी थाने में भी पिटाई की गई। सोशल मीडिया पर यह आरोप तेजी से वायरल हुआ। अब इन आरोपों की जांच सीओ ने खुद शुरू की है।
न्याय नहीं मिला तो जाएंगे मुख्यमंत्री के पास
सराफा के यहां कर्मचारी किशन की मां ने कहा कि अगर पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिला तो तीन जुलाई को मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर अपनी बात कहूंगी। अगर मेरा बेटा चोर है तो उस पर केस दर्ज करवाते और जेल भेज देते। लेकिन मोबाइल छीनने के बाद दोपहर से ही घर में जबरदस्ती बंद कर उसके साथ सभी ने मारपीट की। पुलिस मामले की जांच करे। उनका परिवार भी जांच में पूरी तरह सहयोग करेगा। सोना चोरी करने वाले को पुलिस पकड़ेगी तो मामला खुद खुल जाएगा।
सीता देवी और किशन मझवार।
- फोटो : अमर उजाला।
सराफा व्यापारी ने कहा कि किसी का अगर कोई सामान गुम होगा तो वह पूछताछ करेगा ही। हमने पहले पूछताछ की। जब आरोपी कर्मचारी ने कुछ नहीं बताया तो पुलिस को इसकी सूचना दे दी। अगर मारपीट करते तो तीनों में से क्या एक के साथ ही करते? आरोप पूरी तरह गलत है।
तीन युवकों पर सोना गायब करने का आरोप लगा है। इसकी जांच की जा रही है। मां के आरोपों की भी जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -जगत कन्नौजिया, क्षेत्राधिकारी कोतवाली।
मामला बड़ा है, अभी तो कई और परतें उधड़ेंगी
डीआरआई के सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बताया कि मामला पूरी तरह साफ है। ढाई किलो सोने का मतलब है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये का माल गायब हुआ है। मामला गंभीर है। पुलिस को अन्य संबंधित विभाग जैसे, जीएसटी या अन्य एजेंसियों से सहयोग लेना चाहिए। अभी कई और परतें उधड़ेंगी, तभी सच सामने आएगा।