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फिर गरमाया हिंदी बाजार: गायब हुए ढाई किलो अवैध सोने और पिटाई की जांच शुरू, तीन को जेल भेजा

Sat, 01 Jul 2023 12:19 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

सराफा के यहां कर्मचारी किशन की मां ने कहा कि अगर पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिला तो तीन जुलाई को मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर अपनी बात कहूंगी। अगर मेरा बेटा चोर है तो उस पर केस दर्ज करवाते और जेल भेज देते। लेकिन मोबाइल छीनने के बाद दोपहर से ही घर में जबरदस्ती बंद कर उसके साथ सभी ने मारपीट की।
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सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हिंदी बाजार से एक सराफ के ढाई किलो अवैध सोने के गायब होने के बाद सराफ और उसके बेटे के हाथों एक कर्मचारी की कमरे में बंद करके पिटाई के आरोपों की जांच सीओ कोतवाली ने शुरू कर दी है। सीओ ने थाने से पूरी रिपोर्ट अपने पास मंगा ली है। बाजार में कई दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए हैं।

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हालांकि, पुलिस अभी तक सोने का पता नहीं लगा पाई है। उधर, राजघाट एसओ ने किशन की मां के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। वहीं पुलिस ने इस मामले में सराफ के रिश्तेदार जितेंद्र वर्मा, कर्मचारी शराफत अली और किशन मझवार को शांति भंग में चालान करके जेल भेज दिया।

तुर्कमानपुर रावत पाठशाला के पास रहने वाले सराफ ने राजघाट थाना पुलिस को तहरीर देकर अपने दुकान के कर्मचारी पर आरोप लगाया है। तहरीर में लिखा है कि हिंदी बाजार के गोयल कटरा में उनकी दुकान है। 26 जून की रात में दुकान बंद होने के बाद उन्होंने कर्मचारी किशन मझवार को ढाई किलो सोना, बैग में रखकर अपने रिश्तेदार जितेंद्र वर्मा की घंटाघर स्थित दुकान में रखने के लिए भेजा। 28 जून की सुबह दुकान खुलने पर बसंतपुर, तकिया निवासी एक अन्य कर्मचारी शराफत अली को सोना लाने के लिए भेजा।
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उन्होंने बताया कि दोपहर एक बजे बैग लेकर शराफत आया। खोलने पर चार डिब्बा सुरक्षित था, लेकिन एक डिब्बे में ढाई किलो सोने की जगह रुई भरी थी। पूछने पर तीनों लोग जानकारी से इनकार कर दिए। तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ राजघाट थाने में शांति भंग में पुलिस ने चालान कर दिया।

उधर, बृहस्पतिवार को किशन की मां सीता ने आरोप लगाया गया था कि सराफ और उसके बेटे ने किशन को कमरे में बंद कर पीटा था। बाद में उसकी थाने में भी पिटाई की गई। सोशल मीडिया पर यह आरोप तेजी से वायरल हुआ। अब इन आरोपों की जांच सीओ ने खुद शुरू की है।

न्याय नहीं मिला तो जाएंगे मुख्यमंत्री के पास
सराफा के यहां कर्मचारी किशन की मां ने कहा कि अगर पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिला तो तीन जुलाई को मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर अपनी बात कहूंगी। अगर मेरा बेटा चोर है तो उस पर केस दर्ज करवाते और जेल भेज देते। लेकिन मोबाइल छीनने के बाद दोपहर से ही घर में जबरदस्ती बंद कर उसके साथ सभी ने मारपीट की। पुलिस मामले की जांच करे। उनका परिवार भी जांच में पूरी तरह सहयोग करेगा। सोना चोरी करने वाले को पुलिस पकड़ेगी तो मामला खुद खुल जाएगा।

 

सीता देवी और किशन मझवार। - फोटो : अमर उजाला।
सराफा व्यापारी ने कहा कि  किसी का अगर कोई सामान गुम होगा तो वह पूछताछ करेगा ही। हमने पहले पूछताछ की। जब आरोपी कर्मचारी ने कुछ नहीं बताया तो पुलिस को इसकी सूचना दे दी। अगर मारपीट करते तो तीनों में से क्या एक के साथ ही करते? आरोप पूरी तरह गलत है।

तीन युवकों पर सोना गायब करने का आरोप लगा है। इसकी जांच की जा रही है। मां के आरोपों की भी जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -जगत कन्नौजिया, क्षेत्राधिकारी कोतवाली।

मामला बड़ा है, अभी तो कई और परतें उधड़ेंगी
डीआरआई के सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बताया कि मामला पूरी तरह साफ है। ढाई किलो सोने का मतलब है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये का माल गायब हुआ है। मामला गंभीर है। पुलिस को अन्य संबंधित विभाग जैसे, जीएसटी या अन्य एजेंसियों से सहयोग लेना चाहिए। अभी कई और परतें उधड़ेंगी, तभी सच सामने आएगा।

 
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इन सवालों की जांच जरूरी

  • पांच डिब्बे आभूषण थे, तो इन डिब्बों में बंद ज्वेलरी के निर्माण होने की पर्ची और उसके बिल की जांच कर लें।
  • ज्वेलरी तैयार होने के बाद सभी पांचों डिब्बों में बंद आभूषणों पर बीआईएस का मार्का था? अगर था, तो आभूषणों पर एचयूआईडी का क्रमांक क्या था?
  • पांच डिब्बे में से एक डिब्बा गायब हुआ था तो क्या इनमें अन्य बचे चारों डिब्बों को जब्त कर उसके अंदर के आभूषणों की जांच कराई गई? जांच करने के लिए जीएसटी, हालमार्क सेंटर या बीआईएस से किसी ने संपर्क किया। क्योंकि अगर सोना गायब हो सकता है तो यह भी संभव है कि आभूषणों के डिब्बों को न बदल दिया गया हो?
  • पंजीकृत दुकान से इतनी बड़ी मात्रा में दूसरे दुकान पर आभूषण भेजने का कारण क्या था? जहां भेजा गया था, वहां से क्या इन सामानों की पहले से बुकिंग की गई थी?
  • व्यापारी के फर्म से निकले पांच डिब्बे सोने और गायब हुए डिब्बे का रिकार्ड जीएसटी पंजीकरण के अनुसार फर्म में था? डेढ़ करोड़ रुपये का सोना गायब होने पर जीएसटी का विभागीय नुकसान भी तो नुकसान होगा?

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