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गोरखपुर: मरीजों का रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी कर बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

Wed, 12 May 2021 04:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

जेल बाईपास रोड पीसी हास्पिटल के कर्मचारी है दोनों, गोरखनाथ पुलिस ने पकड़ा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अस्पताल में भर्ती मरीजों का रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी जेल बाईपास रोड स्थित पीसी हास्पिटल के कर्मचारी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो इंजेक्शन और एक खाली शीशी बरामद की है। गोरखनाथ पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर केस दर्ज कर पूरे रैकेट की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों युवकों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं।
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आरोपियों की पहचान जेल बाईपास रोड स्थित पीसी हास्पिटल के कर्मचारी संजीत गुप्ता और दीपक चौरसिया के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह को रिमेडिसिवर इंजेक्शन के कालाबाजारी की गोपनीय जानकारी मिली थी। एक व्हाट्सएप ग्रुप पर जरूरतमंद को दो इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाने की बात चल रही थी।

 

उन्होंने इसकी सूचना तत्काल धर्मशाला चौकी प्रभारी धीरेंद्र राय को दी। सीनियर अफसरों को सूचना देकर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। जरूरतमंद बनकर पुलिस टीम ने इंजेक्शन बेचने वालों से संपर्क किया।
 
दोनों युवकों ने बताया कि एक इंजेक्शन का दाम 18 हजार रुपये देना होगा। दो इंजेक्शन की डिमांड रखते हुए धर्मशाला इलाके में आकर इंजेक्शन देने के साथ ही तत्काल भुगतान की बात तय हुई। दोनों युवक इंजेक्शन की सप्लाई देने पहुंचे थे कि पुलिस ने उनको दबोच लिया।

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मरीज बनकर पुलिस ने की थी बात

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कोविड से मरीज की मौत होने पर वे इंजेक्शन छिपा लेते थे। फिर उसे किसी और को बेचकर रुपये कमाते थे। देर रात तक पुलिस दोनों से पूछताछ में जुटी रही। हालांकि पुलिस को संदेह है कि आरोपी मरीज का इंजेक्शन पहले ही चोरी कर बेच दे रहे थे। इस मामले में पीसी हास्पिटल के प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पाई। जब भी उनका पक्ष आएगा प्रकाशित किया जाएगा।
 
एक व्हाट्सएप ग्रुप पर इंजेक्शन के बारे में जानकारी आई थी। ड्रग इंस्पेक्टर से इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने जरूरतमंद होकर संपर्क किया था। दो इंजेक्शन की बात हुई और एक इंजेक्शन का 18 हजार रुपये मांगा गया था। 
 
गोरखनाथ इंस्पेक्टर रामाज्ञा सिंह ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। दोनों आरोपी एक नर्सिंग होम के कर्मचारी बताए जा रहे हैं। इनसे कोई और जुड़ा है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। 
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