- कंपनी के निदेशक ने दर्ज कराया था सहजनवां थाने में केस
गोरखपुर। गीडा स्थित सरिया फैक्टरी से 3.21 करोड़ की जालसाजी के दो आरोपियों को सहजनवां पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान शिवम गुप्ता और अनूप सिंह के रूप में हुई। पूछताछ के बाद आरोपियों को पुलिस ने जेल भिजवा दिया। कंपनी के निदेशक अशोक जालान ने तीन फर्म के मालिकों और कंपनी के एक कर्मी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। सहजनवां इलाके से ही सोमवार सुबह दोनों आरोपी दबोचे गए।
सहजनवां थाना प्रभारी ने महेश चौबे ने बताया कि कंपनी के एमडी अशोक कुमार जालान की तहरीर पर सहजनवां थाने में बीके ट्रेडर्स के प्रोपराइटर वीरेंद्र कुमार गुप्ता, उनके बेटे शिवम गुप्ता, एके ट्रेडर्स के प्रोपराइटर अमित गुप्ता, देव ट्रेडर्स के प्रोपराइटर कैलाश गुप्ता व फैक्टरी में तौल करने वाले अनूप कुमार सिंह के विरुद्ध जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
कंपनी के एमडी अशोक कुमार जालान ने तहरीर देकर बताया था कि वर्ष 2023-24 से एक ही परिवार की तीन फर्मों की ओर से स्क्रैप की सप्लाई की जाती थी। फैक्टरी में लगे कांटे पर तौल की जिम्मेदारी तीन लोगों को थी। इसमें अनूप सिंह भी शामिल है। 27 फरवरी 2025 को सुबह 10 बजे मिनी ट्रक से स्क्रैप आया था। विक्रेता के बिल के मुताबिक, मिनी ट्रक पर 6450 किलोग्राम स्क्रैप लदा था। मूल्य दो लाख 12 हजार 850 रुपये था। जब फैक्टरी में लगे कांटे पर वजन की बारी आई तो आरोप है कि अनूप कुमार सिंह ने गाड़ी कांटे पर चढ़ाकर बिना वजन कराए उतार ली। उन्होंने 6,450 किलो को सही बताया। फैक्टरी प्रबंधन को अब तक शक हो चुका था, लेकिन सबूत की तलाश थी। इसी ट्रक का दोबारा वजन कराया गया तो स्क्रैप का वजन 2,240 किलोग्राम ही था। इसके बाद ट्रक को माल सहित रोक लिया गया।
आरोप है कि अनूप कुमार सिंह की मदद से स्क्रैप सप्लाई करने वाली फर्में वास्तविक वजन से दोगुना या तीन गुना बढ़ाकर बिल बनाती थीं। उसी में थोड़ा कम, अधिक करके अनूप बिना तौल के फैक्टरी के कांटे से भी तौल की पर्ची बना देता था। फैक्टरी परिसर में लगे कांटे के कंट्रोल बॉक्स में छेड़छाड़ की गई थी। उसका लॉक व पेपर सील तोड़ दिया गया था। कंट्रोल बॉक्स में भी वजन में गड़बड़ी की जाती थी। प्रबंधन की पूछताछ में अनूप ने स्क्रैप कारोबारियों से मिले होने की बात कही थी।