बीआरडी डॉक्टर के साथ ठगी के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में। स्रोत पुलिस
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ. दुर्गेश त्रिपाठी से जमीन के नाम पर 71.20 लाख की ठगी के दो आरोपियों को गुलरिहा पुलिस ने क्रांति चौराहे से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान कुशीनगर जिले के अहिरौली थाना क्षेत्र के सुक्खड़ गांव निवासी मनोज यादव और उसके रिश्तेदार अजय यादव के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जमीन के फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डाॅक्टर से एग्रीमेंट कराकर रकम हड़प ली थी। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी थी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जन डॉ. दुर्गेश त्रिपाठी जेमिनी पैराडाइज, मोगलहा में रहते हैं।
उनका आरोप है कि कुशीनगर जिले के अहिरौली थाना क्षेत्र के सुक्खड़ निवासी मनोज यादव से संपर्क हुआ, जिसने खुद को करीमनगर स्थित एक हॉस्पिटल का संचालक बताया था। मनोज ने पिपराइच क्षेत्र के गढ़वा में 27 डिसमिल जमीन अपनी बताते हुए 60 लाख रुपये में सौदा तय कराया। वर्ष 2024 में 30 लाख रुपये एडवांस लेने के बाद उसने दूसरे की जमीन का एग्रीमेंट करा दिया।
इसके बाद मनोज यादव ने चिलुआताल क्षेत्र के फत्तेपुर स्थित सात डिसमिल जमीन को अपनी दादी के ससुराल गुलरिहा निवासी नेहा यादव और लालसा यादव की बताते हुए 1.80 करोड़ रुपये में तय कराया। इस सौदे के लिए डॉक्टर ने 24 लाख नकद समेत कुल 41.20 लाख रुपये नेहा यादव, लालसा यादव, शिरीष मिश्रा, पिपराइच के तुलसीदेई निवासी अजय यादव और वेंडर कमलेश यादव के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
दशहरा और दिवाली के बीच बैनामा होना तय था, लेकिन रकम लेने के बावजूद आरोपियों ने नहीं किया। रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। जांच कराने पर सामने आया कि मनोज यादव ने जमीन बिकवाने की जिम्मेदारी होने के बावजूद खुद को पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और एग्रीमेंट करा दिया।
थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह का कहना है कि शाहपुर थाने में भी मनोज यादव के खिलाफ एक करोड़ रुपये हड़पने की प्राथमिकी दर्ज है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।