गोरखपुर महोत्सव को लेकर ऑडिशन देतीं प्रतिभागी।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर महोत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले सात दिवसीय शिल्प मेला के अंतर्गत 12 राज्यों के शिल्पी अपने- अपने क्षेत्र के मशहूर उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। इसके लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय के खेल क्रीड़ांगन में 100 स्टॉल आरक्षित किया गया है। इसमें सहारनपुर के फर्नीचर, भदोही की कालीन, कश्मीर की पश्मीना शाल, बनारसी साड़िया, आगरा, मथुरा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, यूपी और स्थानीय शिल्पियों में टेराकोटा के स्टॉल होंगे। 11-17 जनवरी तक मेला का आयोजन होगा।
वहीं 25 स्टॉल सरस मेला के होंगे। जिसमें विकास भवन, स्थानीय उद्यमियों और वनटांगियों के स्टॉल होंगे। 35 स्टॉल पुस्तक मेला के लिए आरक्षित किया गया है। इसमें गीता प्रेस समेत कई नामचीन प्रकाशक शामिल होंगे। वहीं 20 स्टॉल कृषि और उद्यान के होंगे। इसके साथ ही साथ शिल्प मेला के अंतर्गत 15-17 जनवरी तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र मिश्रा ने बताया कि पंडाल लगाने का काम शुरू हो गया है। तीन प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। पंडाल में एक साथ दस हजार लोग महोत्सव का लुत्फ उठा सकेंगे। व्यवस्था की जा रही है।