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UP: बेटा नेपाल की जेल में था बंद, पिता बनता गया कर्जदार, ब्लैकमेलिंग से आजिज आकर दे अपनी जान

Tue, 10 Feb 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

अविनाश सिंह ने तहरीर में बताया कि विकास नगर काॅलोनी निवासी राजेश जायसवाल, राजकुमार यादव, उमेश जायसवाल, दिनेश जायसवाल और अनिल चौहान आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आरोप है कि सभी आरोपी साजिश कर पिता सुरेंद्र सिंह को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे हैं। आरोपी मकान हड़पना चाहते हैं। इसलिए आरोपी पिता की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे।
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ब्लैकमेलिंग से तंग आकर सुरेंद्र सिंह ने खुदकुशी की( फाइल फोटो) - फोटो : स्त्रोत- परिवार
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विस्तार
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गोरखनाथ इलाके में तीन बच्चों के पिता ने एक फरवरी को घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि वह ब्लैकमेलिंग से परेशान था। इससे पहले उसने पांच लोगों को मौत का जिम्मेदार बताते हुए एक पत्र भी लिखा था। मृतक की पहचान सुरेंद्र सिंह (50) के रूप में हुई।
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सुरेंद्र ने अपने पत्र में विकास नगर कॉलोनी के ही राजेश जायसवाल, राजकुमार यादव, उमेश जायसवाल, दिनेश जायसवाल और अनिल चौहान पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। मृतक के बेटे अविनाश सिंह की तहरीर पर गोरखनाथ पुलिस रविवार शाम आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही है।

अविनाश सिंह ने तहरीर में बताया कि विकास नगर काॅलोनी निवासी राजेश जायसवाल, राजकुमार यादव, उमेश जायसवाल, दिनेश जायसवाल और अनिल चौहान आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आरोप है कि सभी आरोपी साजिश कर पिता सुरेंद्र सिंह को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे हैं।

आरोपी मकान हड़पना चाहते हैं। इसलिए आरोपी पिता की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे। अविनाश के मुताबिक, एक फरवरी की शाम करीब छह बजे ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पिता ने घर में ही फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

सूचना पर पहुंची गोरखनाथ पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। सुरेंद्र के पुत्र के मुताबिक, पिता के पास से एक पत्र मिला था, जिसमें सभी आरोपियों को मौत का जिम्मेदार बताया था। पुलिस ने पत्र को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोप है कि कई बार सभी आरोपी पिता से मारपीट कर चुके हैं। लगातार प्रताड़ना से वह तंग आ गए थे।

एक माह पहले लिखा था पत्र
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र सिंह के पास से मिला पत्र एक माह पुराना है। वह काफी दिनों से लिख रहे थे लेकिन कहीं भी शिकायत नहीं की थी। आए दिन आरोपी राजेश जायसवाल, राजकुमार यादव, उमेश जायसवाल, दिनेश जायसवाल और अनिल चौहान सुरेंद्र से आकर मिलते थे।

सुरेंद्र सिंह फर्टिलाइजर में एक धागे की फैक्टरी में मुनीम थे। सुरेंद्र के तीन बेटे अभिषेक सिंह, अविनाश सिंह और आकाश सिंह हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। इसमें से छोटा बेटा एक साल पहले नेपाल में चोरी के मामले में पकड़ा गया था। इसके बाद से ही वह नेपाल की जेल में बंद है।
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नेपाल में बंद बेटे को छुड़ाने के चक्कर में वह कई लोगों से कर्ज ले लिए थे। इसलिए आए दिन पैसा मांगने वाले घर आते थे। कई बार नोकझोंक भी होती थी। सुरेंद्र सिंह की मौत के मामले में आरोपी बने पांच युवकों से भी उन्होंने पैसे लिए थे। आर्थिक परेशानी की वजह से वह दे नहीं पा रहे थे।

इसलिए आरोपी किसी भी तरह मकान पर कब्जा करना चाह रहे थे। जांच में सामने आया है कि मकान अपने नाम लिखवाने का लगातार सुरेंद्र सिंह पर दबाव बनाया जा रहा था। कर्ज लेने की वजह से ही सुरेंद्र कहीं शिकायत नहीं कर पा रहे थे।

इस संबंध में गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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