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'वांटेड' पशु तस्कर गिरफ्तार: पहले भी पुलिस टीम पर कर चुका है जानलेवा हमला, चौरीचौरा कांड में भी आया था नाम

Tue, 10 Feb 2026 02:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

बेलीपार की वारदात में संजय का नाम भी सामने आया और इसी वजह से चौरीचौरा में हुई घटना में वह संदिग्ध था। बेलीपार के कसिहार निवासी संजय पर हत्या, लूट, चोरी और पशु तस्करी समेत आठ मामले दर्ज हैं। वह पहली बार 2021 में चोरी के मामले में जेल गया था।
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गिरफ्तार लोनी गैंग का सरगना संजय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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चौरीचौरा में बैरिकेडिंग तोड़कर पुलिस पर हमला करने का आरोपी लोनी गैंग का सरगना संजय बेलीपार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। संजय पर पशु तस्करी और पुलिस पर हमले के मामले में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, संजय अपने गिरोह के साथ चौरीचौरा और झंगहा इलाके में सक्रिय था और घेराबंदी के दौरान पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश के बाद बैरिकेडिंग तोड़ते हुए भाग गया था।
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पुलिस की कार्रवाई में अब तक तीन तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद गिरोह से जुड़े कुल आठ तस्करों के नाम सामने आए हैं।एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि 15 सितंबर 2024 की रात बेलीपार पुलिस की चेकिंग के दौरान लोनी गैंग के सरगना संजय के कहने पर पिकअप सवार पशु तस्करों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर से हमला किया था। 

इस दौरान तस्करों की पिकअप अनियंत्रित होकर गड्ढे में फंस गई थी। उस समय पुलिस ने एक आरोपी और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर पशु बरामद किए थे, लेकिन गैंग का सरगना संजय अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकला था। संजय पर 25 हजार का इनाम घोषित था और पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी थी।

बेलीपार की वारदात में संजय का नाम भी सामने आया और इसी वजह से चौरीचौरा में हुई घटना में वह संदिग्ध था। बेलीपार के कसिहार निवासी संजय पर हत्या, लूट, चोरी और पशु तस्करी समेत आठ मामले दर्ज हैं। वह पहली बार 2021 में चोरी के मामले में जेल गया था।

जेल से छूटने के बाद उसने पशु तस्करी को संगठित रूप से शुरू किया। संजय पर दो बार गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई हो चुकी है। वर्ष 2023 में खजनी क्षेत्र में ऑटो चालक राम सिंह की हत्या और मोबाइल लूट के मामले में वह जेल गया था। वहीं, वर्ष 2024 में बेलीपार में गोवध अधिनियम के तहत उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

संजय के गैंग में आठ गुर्गे, दो को पहले ही भेजा जा चुका है जेल
सरगना संजय ने पूछताछ में बताया कि गैंग में आठ गुर्गे शामिल हैं। बदमाशों में से दो का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। खलीलाबाद के जंगलउन निवासी दिनेश और खजनी के उनवल वार्ड निवासी मिठाई लाल पहली बार पशु तस्करी में शामिल हुए थे, जबकि छह तस्करों का आपराधिक इतिहास है।  पुलिस उन सभी की तलाश में दबिश दे रही है। गैंग के सभी तस्कर एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं, जो पहले चोरी और लूट जैसी वारदात को अंजाम देते थे।

पुलिस की स्पेशल टीम ने गैंग लीडर को किया गिरफ्तार
पुलिस सूत्रों ने बताया कि, गैंग लीडर संजय की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। गगहा क्षेत्र में हुई तीन चोरियों में आसपास उसके लोकेशन का पता चला और पुलिस ने घेराबंदी की। संजय और उसके साथियों ने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की, लेकिन उसका साथी दिनेश पकड़ लिया गया।

पुलिस अब गिरोह के फाइनेंसर और किराए की पिकअप उपलब्ध कराने वाले मालिक की तलाश में जुटी है।
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पिकअप और स्कॉपियो सवार का कोई लिंक नहीं
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पिकअप सवार पशु तस्करों और स्कार्पियो सवारों के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। स्कार्पियो सवार केवल बैरिकेडिंग तोड़कर भागे थे, जिससे शुरुआती जांच में संदेह उनके ऊपर गया था। एसपी नार्थ ज्ञानेद्र ने बताया कि वारदात वाली रात पिकअप में कुल आठ तस्कर गाड़ी में सवार थे। इनमें से एक को जेल भेजा गया था। संजय और चंदन सोमवार को जेल गए, जबकि तीन अन्य पुलिस की हिरासत में हैं।

गैंग में शामिल गुर्गे
खजनी के उनवल वार्ड नंबर 7 निवासी मिठाई लाल, संतकबीरनगर के खलीलाबाद बऊरहवा निवासी गुड्डू, गगहा के देउदवीर निवासी मंदनी, गगहा के देउरवीर निवासी अजय उर्फ मंगरू, बांसगांव के कौड़ीराम निवासी राजन, बेलीपार के कसीहरा निवासी संजय, मऊ के घोसी पांडेयपुर निवासी चंदन और संतकबीरनगर के खलीलाबाद जंगलऊन निवासी दिनेश जाटव शामिल हैं।
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