गोरखपुर में ही बिहार के हजारों लोग परिवार के साथ रहते हैं। यूपी और बिहार के बीच रोडवेज की बसों का संचालन नहीं होने से प्राइवेट (डग्गामार) बसों की चांदी रहती है। प्राइवेट बसों में यात्रियों को एक तो किराया अधिक देना पड़ता है, ऊपर से हर पल असुरक्षा की आशंका बनी रहती है।
गोरखपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक केके तिवारी ने बताया कि यूपी-बिहार बस सेवा शुरू कर दी गई है। यात्री इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। बसों का किराया भी सिस्टम में लोड कर दिया गया है। लोगों की सुविधा के लिए नए साल में गोरखपुर से बिहार के अन्य शहरों के लिए भी बसें चलाई जाएंगी।