ये फायदे होंगे...
- प्लेटफॉर्म की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच हो जाएगी। होम सिगनल एवं निकटवर्ती स्टेशनों पर ट्रेनें देर तक नहीं खड़ी होंगी।
- सिग्नल की बेहतर व्यवस्था हो गई है। सिग्नल एवं प्वाइंट की विफलता कम होगी। ट्रेनों के होम सिगनल के अंदर प्रवेश करते ही दूसरी ट्रेन के लिए लाइन क्लियर दिया जा सकेगा।
- बहराइच के तरफ की गाड़ियों को गोंडा होते हुए मनकापुर-गोरखपुर, मनकापुर-अयोध्या, बलरामपुर-बढ़नी मार्ग पर सीधे संचालित किया जा सकेगा।
- इंजन रिवर्स कराकर लखनऊ व सीतापुर की तरफ संचालित किया जा सकेगा, जिससे बहराइच, श्रावस्ती जिले के यात्रियों को भविष्य में सीधी ट्रेनों की सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के व्यापारियों को माल सीधे भेजने की सुविधा प्राप्त हो जाएगी।
- ट्रेनों व मालगाड़ी को सुरक्षित ढंग से संचालित करने में आसानी होगी।
एनईआर सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि गोंडा यार्ड की रिमॉडलिंग सफलतापूर्वक पूरा कर ली गई है। इस कार्य के पूरा होने से यात्रियों के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है, रनिंग लाइनों के संख्या में वृद्धि हुई है। इससे यात्री ट्रेनों के बेहतर संचालन के साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।