अगले साल यानी 2023 में डोमिनगढ़ से कुसम्ही तक तीसरी लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। इसके साथ ही गोरखपुर-नकहा जंगल के बीच डबल लाइन भी बीच जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए बजट में 62 करोड़ मिले हैं।
पूर्वोतर रेलवे में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण में सबसे अधिक बजट, रेल लाइनों के दोहरीकरण के लिए है। इस बार एनई रेलवे को दोहरीकरण के लिए 2192 करोड़ का बजट मिला है। 2021 में यह राशि 1786 करोड़ रुपये थी। डोमिनगढ़-कुसम्ही तीसरी लाइन व गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरीकरण के लिए बजट मिलने से कार्य में तेजी आएगी।
21.15 किमी लंबी है डोमिनगढ़-कुसम्ही तीसरी लाइन
डोमिनगढ़ से कैंट स्टेशन होकर कुसम्ही तक तीसरी लाइन 21.15 किमी लंबी है। इसके बनने से आउटर पर ट्रेनें खड़ी नहीं होंगी। मालगाड़ियां भी फर्राटे से गंतव्य को रवाना हो जाएंगी। पिछले बजट में तीसरी लाइन के लिए 105 करोड़ रुपये मिला था। जिसके बाद काम शुरू कराया गया। इस परियोजना को 2016 के बजट में मंजूरी दी गई थी। इस बार इस लाइन के लिए 62 करोड़ रुपये मिले हैं। अब तक 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
लिफ्ट, एस्केलेटर लगेंगे, धार्मिक स्थानों को महत्व
बजट 2021-22 में पूर्वोतर रेलवे पर यात्री सुविधाओं को और बेहतर एवं आधुनिक बनाने के लिए 422.9 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत चिह्नित स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर के साथ ही साथ स्थानीय वस्तुशिल्प, धार्मिक स्थानों के अनुरूप स्टेशनों को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारी कल्याण के लिए 20.7 करोड़ तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण में 2.6 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
दोहरीकरण के लिए मिला बजट
- लाइन बजट
- छपरा-बलिया 65 किमी 55 करोड़
- बलिया-गाजीपुर 65.1 किमी 280 करोड़
- वाराणसी-माधोसिंह-प्रयागराज 120 किमी 150 करोड़
- फेफना-इंदारा-मऊ-शाहगंज 150 किमी 260 करोड़
- औड़िहार-जौनपुर 59 किमी 63 करोड़
- गोरखपुर-वाल्मीकिनगर 87 किमी 05 करोड़
- मल्हौर-डॉलीगंज 12 किमी 20.7 करोड़
- भटनी-औड़िहार 125 किमी 350 करोड़
- रोजा-सीतापुर-बुढ़वल 18 किमी 604 करोड़
- औड़िहार-गाजीपुर 40 किमी 87 लाख
- डोमिनगढ़-कुसम्ही तीसरी- गोरखपुर-नकहा दूसरी लाइन- 62 करोड़