शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों की तरह ट्रेन की भी सर्विसिंग होती है। 96 घंट या 3600 किमी के पहले ट्रेन की ओवरहालिंग की जाती है।
इसमें खास बात यह कि ट्रेन के गंतव्य तक पहुंचने के पहले ही वासिंग पिट पर संदेश आ जाता है। गोरखपुर वासिंग पिट की देखरेख कर रहे रवि श्रीवास्तव कहते हैं, संदेश आने के बाद ही हम लोग तैयारी शुरु कर देते हैं।
हर बोगी के पहिये, कोच को लाइटिंग, पानी, टोटी की जांच होती है। पूरी ट्रेन को सैनिटाइज किया जाता है। कॉकरोच और चूहों को मारने के लिए केमिकल का धुआं किया जाता है। इस समय श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को 4 घंटे में ही ओवरहालिंग कर प्लेटफॉर्म पर भेज दिया जाता है।