शहर के पांच चौराहों पर यातायात व्यवस्था की निगरानी सीसीटीवी के जरिए शुरू हो गई है। यातायात कार्यालय में इसका कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से फिलहाल मोहद्दीपुर, काली मंदिर, कचहरी, बेतियाहाता और नौसड़ चौराहे पर ट्रैफिक की निगरानी की जा रही है। इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, बल्कि चौराहों और आसपास की किसी भी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए करीब 2.82 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) तैयार किया गया है। यह सिस्टम तीन तरीके से काम करेगा। पहला, इसके अंतर्गत सीसीटीवी कैमरे से ट्रैफिक की निगरानी होगी। दूसरा, इसमें लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से चौराहों पर गाड़ियों की गलत पार्किंग या जाम को कंट्रोल रूम से देखकर एनाउंस कर यातायात को सुचारु किया जाएगा। और तीसरा, सिटी सर्विलांस की मदद से किसी भी आपराधिक गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
इन नौ चौराहों पर लगाए जाने हैं ट्रैफिक सिग्नल
गोलघर काली मंदिर, कचहरी चौराहा, बेतियाहाता चौराहा, नौसड़ तिराहा, मोहद्दीपुर चौराहा (इन चौराहों पर हो चुकी है शुरुआत), पैडलेगंज, रूस्तमपुर, ट्रांसपोर्टनगर और गणेश चौक।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि शहर के पांच चौराहों पर रविवार से आईटीएमएस ने काम करना शुरू कर दिया है। ट्रैफि क सिग्नल कंट्रोल किए जाने के लिए यातायात कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।