दान विलेखों में स्टांप ड्यूटी की छूट योजना के आखिरी दिन कोई ‘दानवीर’ निराश न लौटे, इसलिए शासन ने रजिस्ट्री के समय में दो घंटे का इजाफा कर दिया है। यानी शनिवार को शाम सात बजे तक दान संबंधी संपत्ति की रजिस्ट्री कराई जा सकेगी।
इस संबंध में शासन की तरफ से शुक्रवार की दोपहर बाद आदेश भी जारी कर दिया गया है। आदेश पर तत्काल अमल करते हुए डीआईजी केपी पांडेय ने मंडल के चारों जिलों के रजिस्ट्री कार्यालयों में शुक्रवार को भी शाम सात बजे तक कार्यालय खोले रखने और रजिस्ट्री करने का निर्देश दिया। इस योजना से जहां बड़ी संख्या में लोगों को वरासत संबंधी विवादों से छुटकारा मिल गया वहीं, स्टांप ड्यूटी में करीब 50 करोड़ का लाभ भी हुआ।
गोरखपुर में सभी आठ उप निबंधक कार्यालयों में योजना लागू होने के बाद से अब तक 5500 से अधिक ऐसी संपत्तियों की रजिस्ट्री हो चुकी है। अब शासन इस योजना का पुर्नमूल्यांकन करेगा, जिसके बाद आगे का भविष्य तय होगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ फेरबदल के साथ योजना को आगे भी संचालित किए जाने की संभावना है।
दान विलेखों में छूट योजना की समापन तिथि नजदीक आने के साथ ही रजिस्ट्री दफ्तरों में दान देने और लेने वालों की कतार लंबी होती चली जा रही है। जिले के सभी रजिस्ट्री दफ्तरों में रोजाना होने वाली रजिस्ट्री में अब 90 से 95 फीसदी विलेख दान से जुड़े रह रहे हैं। किसी-किसी दिन यह संख्या और बढ़ जा रही है। योजना के शुरूआती 30 दिन में ही लोगों की स्टांप ड्यूटी के सात करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि बची थी। 20 जून 2022 से यह योजना शुरू हुई थी।
डीआईजी केपी पांडेय के मुताबिक योजना के आखिरी दिनों में दान विलेखों की रजिस्ट्री की संख्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए ही शासन ने शुक्रवार और शनिवार को शाम पांच बजे के बजाए शाम सात बजे तक रजिस्ट्री करने का निर्देश दिया है।
इन्हें अचल संपत्ति दान करने पर है स्टांप में छूट
पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधु (पुत्र की पत्नी), दामाद(पुत्री का पति), सगा भाई, सगी बहन, पुत्र/पुत्री के पुत्र-पुत्री