इस वैवाहिक सीजन का अंतिम लग्न मुहूर्त 30 जून को है। इसके बाद लोगों को लग्न मुहूर्त के लिए 25 नवंबर तक का इंतजार करना पड़ेगा। साल की शुरुआत के जनवरी-फरवरी के एक माह में पड़ी तिथियों को छोड़कर मार्च से जून महीने के बीच लगभग 39 वैवाहिक महूर्त की तिथियां बताई थीं।
जिसमें 30 जून को अंतिम लग्न मुहूर्त है, शेष लग्न इस वर्ष नवंबर-दिसंबर महीने में हैं। पंडित विजय शंकर पांडेय ने बताया कि एक जुलाई को हरिशयनी एकादशी है। इस दिन से चार माह के लिए चार्तुमास आरंभ हो जाएगा।
धर्मशास्त्रों के मुताबिक इस समयावधि में सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु क्षीर सागर में शयन को चले जाते हैं। जिससे मांगलिक कार्यों में देवताओं का आशीर्वाद नहीं मिल पाता है। इस कारण इन महीनों में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, जनेउ संस्कार आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे।