गोरखपुर शहर के विभिन्न वार्डों में 12 करोड़ रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाने के साथ सड़क और नालियों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पार्षद वरीयता के तहत सभी पार्षदों के 15-15 लाख रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी जाएगी। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए व्यस्तम सड़कों के पास रोड पटरी पर पार्किंग बनाई जाएगी।
वहीं, नगर निगम अपनी दुकानों से अब सर्किट रेट के हिसाब से किराएदारी वसूलेगा। मूल कब्जेदारों की जगह दूसरे को किराए पर दिए जाने वाली दुकानों का आवंटन निरस्त किया जाएगा। वहीं, आत्मनिर्भर बनने के लिए निगम अपनी जमीनों पर कामर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराएगा। नगर निगम की कार्यकारिणी ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
मंगलवार को मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में इनके अलावा कई प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बेतियाहाता वार्ड के सपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने नगर निगम के कर व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया।
इसपर नगर आयुक्त ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि शहर में डेढ़ लाख से अधिक नागरिक कर जमा करते हैं। ये नोटिस सिर्फ उन्हें दिया जाएगा, जिनका सर्वे के दौरान आवास का क्षेत्रफल 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा है। इसके बाद भी अगर ये प्रार्थना पत्र देंगे को इनकी समीक्षा कर समस्या का निस्तारण किया जाएगा।