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Gorakhpur News: 16 यात्रियों का टिकट फिर आरएसी..रेलवे ने स्थिति संभाली

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गोरखपुर-एलटीटी समर स्पेशल में पिछले हफ्ते भी हुई थी इसी तरह की गड़बड़ी
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जानकारी होते ही सक्रिय हो गए अफसर, खाली बचीं सीटें तत्काल आवंटित कराई गईं



अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। ट्रेन की संरचना में परिवर्तन के चलते गोरखपुर-एलटीटी समर स्पेशल में शनिवार को भी 16 यात्रियों का कंफर्म टिकट चार्ट जारी होते ही आरएसी में तब्दील हो गया। इसी ट्रेन में पिछले सप्ताह भी ऐसा मामला सामने आया था। इससे सबक लेते हुए रेलवे के अफसरों ने तत्काल इन यात्रियों को दूसरी बोगियों में खाली बचीं सीटें आवंटित कर ट्रेन को रवाना कराया।
मुंबई-गोरखपुर-मुंबई समर स्पेशल का संचालन सेंट्रल रेलवे की तरफ से किया जा रहा है। इस ट्रेन में इकोनाॅमी क्लास के 15 कोच लगने हैं, लेकिन इनमें 13 कोच इकोनाॅमी क्लास व दो कोच एसी थर्ड के लग गए हैं। इसके चलते जब चार्ट बना तो उन दो कोच के यात्रियों का पहले जो टिकट कंफर्म था, वह आरएसी हो गया।
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ट्रेन के गोरखपुर से चलने पर रास्ते में इसे लेकर यात्रियों और टीटीई के बीच बहस होने लगी। ट्रेन लखनऊ पहुंची, तब अफसरों ने इसका संज्ञान लिया और यात्रियों को अलग-अलग कोच में सीट उपलब्ध कराई गई।
शनिवार को भी ट्रेन की रेक संरचना पहले वाली ही रही। इस बार एसी थर्ड वाली सीटों को भी इकोनाॅमी क्लास में शामिल कर चार्ट तैयार किया गया। इकोनाॅमी क्लास में एक कोच में 80 बर्थ होती है, जबकि एसी थर्ड में एक कोच में 72 बर्थ ही होती है। इस तरह इस बार भी दोनों कोच मिलाकर 16 बर्थ पर टिकट आरएसी श्रेणी में चला गया। इसके बाद फिर अफसरों ने माथापच्ची की और ट्रेन के अलग-अलग कोच में खाली जा रही 16 बर्थ इन बचे रह गए यात्रियों को आवंटित की गई।
कोच डैमेज होने के चलते आ सकती है इस तरह की दिक्कत
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसी दिक्कत तभी आएंगी, जब मेंटेनेंस या किसी अन्य कारण से इस गाड़ी में लगे दो कोच हटाए गए हों और उनकी जगह उस कैटेगरी का दूसरा कोच उपलब्ध न हो। जो अनुमान है, उसके अनुसार हटाए गए इकोनाॅमी कोच की जगह एसी थर्ड का कोच लगा दिया गया, लेकिन जब टिकट बुकिंग के आधार पर चार्ट तैयार किया गया होगा, तो इकोनाॅमी क्लास के यात्री को एसी थर्ड कोच में सीट आवंटित नहीं हुई होगी। इसी चक्कर में यह गड़बड़ी हो सकती है।
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इस ट्रेन की कोच संरचना पहले से ही पता थी, इसलिए इस बार पूरी सतर्कता बरती गई। सभी यात्रियों को ट्रेन के रवाना होने से पहले ही बर्थ उपलब्ध करा दी गई। पिछले मामले में संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर
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