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UP: नशीली दवाओं का धंधा करने वाले भाइयों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें, केस दर्ज कर भूल गई थी पुलिस

Thu, 18 Aug 2022 01:21 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगा दी गईं हैं। सर्विलांस व अन्य माध्यमों की मदद से पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है। जल्द ही आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। इनके पकड़े जाने के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ेगी। गिरोह से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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बाएं आशीष गुप्ता और दाएं अमित गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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नशीली दवाओं का धंधा करने वाले भाइयों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी गईं हैं। सात अगस्त को दर्ज केस में अब तक पुलिस मुख्य आरोपी भाइयों आशीष व अमित को दबोच नहीं सकी है। पुलिस की सुस्त चाल पर एसएसपी की नजर पड़ी तो उन्होंने इसके लिए तीन टीमें गठित कर दीं। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी खुद ही निगरानी कर रहे हैं। सर्विलांस की मदद से पुलिस टीमें तलाश में जुटी हैं। पुलिस अफसरों का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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जानकारी के मुताबिक, नशीली दवाओं के धंधे की जांच में नामजद गुप्ता बंधुओं के अलावा कई और व्यापारी व लोग सामने आ गए हैं। पुलिस एक-एक कड़ी जोड़कर सबके खिलाफ सबूत जुटा रही है। देवरिया के दो व्यापारियों का भी नाम सामने आया है। सभी की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) पुलिस हासिल करने में लगी है, ताकि पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया जा सके। उधर, मंगलवार को एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पुलिस से अब तक इस मामले में की गई कार्रवाई की प्रगति मांगी तो मुख्य आरोपियों के गिरफ्तारी न होने की बात सामने आ गई। इसी के बाद एसएसपी ने पुलिस की टीमें गठित कर गिरफ्तारी कर आदेश दिया है।

सीडीआर से गिरोह के लोगों की भूमिका जांच रही पुलिस
मुख्य आरोपियों के अलावा जेल भेजे गए छह आरोपियों की सीडीआर पुलिस ने हासिल कर ली है। सीडीआर की मदद से आपस में गिरोह के गुर्गों की बातचीत की कड़ी पुलिस जोड़ रही है। इसी की मदद से गिरोह से जुड़े लोगों का नाम पुलिस उजागर करेगी। पुलिस एक-एक नंबर की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया जा सके।
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वाराणसी, आगरा तक जांच का दायरा

पुलिस की कोशिश है कि पहले नशीली दवाओं के कारोबार में जुड़े स्थानीय लोगों को दबोचा जाए और इसके बाद फिर जिले से बाहर दायरा बढ़ाया जाए। हालांकि, पुलिस की जांच के दायरे में आगरा और वाराणसी तक के व्यापारी और गिरोह से जुड़े लोगों के नाम सामने आ गए हैं। सभी की भूमिका की जांच अभी पुलिस सर्विलांस की मदद से कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने के बाद उनसे पूछताछ में कई और तथ्य सामने आएंगे, जिसके आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ेगी।

बेखबर थे गोरखपुर के ड्रग अफसर
जांच की पूरी कार्रवाई आगरा और वाराणसी से इनपुट मिलने के बाद की गई। इसके पहले गोरखपुर के ड्रग विभाग के अफसर नशीली दवाओं के धंधे से पूरी तरह से बेखबर बैठे थे। जबकि, यह संभव ही नहीं है कि इतना बड़ा खेल बिना विभागी अफसरों के आंख बंद किए बिना हो जाए। अब अफसरों की गर्दन फंसी है तो वे कार्रवाई में तेजी तो दिखा रहे हैं लेकिन, अब भी उनकी चाल सुस्त ही है। यही वजह है कि सात अगस्त को मामला पकड़े जाने के बाद 14 अगस्त को गोदाम व दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई है। इतने दिनों में क्या वहां से नशीली दवाएं इधर-उधर नहीं हुई, यह बड़ा सवाल है?

यह है मामला
ड्रग विभाग ने सात अगस्त को गीडा क्षेत्र के गुप्ता बंधु की दो करोड़ रुपये की खांसी की सिरप बरामद की थी जिसका इस्तेमाल नशे के लिए भी किया जा रहा है। पहले दिन छह लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया गया था। साथ ही संतकबीरनगर जिले में उसी दिन गुप्ता बंधु पर भी एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज किया गया था। अगले दिन आठ अगस्त को गीडा थाना पुलिस ने भी गुप्ता बंधु सहित आगरा के दो दवा कारोबारी भाइयों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद से दोनों भाई फरार चल रहे हैं।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगा दी गईं हैं। सर्विलांस व अन्य माध्यमों की मदद से पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है। जल्द ही आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। इनके पकड़े जाने के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ेगी। गिरोह से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

 
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