शैक्षिक सत्र 2020-21 में कोरोना के कारण 11 माह तक स्कूल बंद रहें, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। विभाग ने भले ही विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाने की शुरूआत की। मगर इस पहल से जनपद के ही बमुश्किल 50 हजार विद्यार्थियों को लाभ दिया जा सका।
इसके पहले सरकार ने शैक्षिक सत्र 2019-20 में भी बच्चों को बिना परीक्षा के पास किया था। जुलाई से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुईं, लेकिन परिषदीय स्कूलों में कमजोर व गरीब तबके के बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण ऑनलाइन क्लास का लाभ नहीं उठा सके।
बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि शासन की ओर से कक्षा एक से आठवीं के बच्चों को प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है। उनकी क्षमता के आकलन का पैमाना भी शासन ने निर्धारित किया है। इसके बारे में शिक्षकों को जागरूक किया जाएगा।