नगरीय स्वास्थ्य केंद्र झरना टोला की ओर से डिबिया गांव में शुक्रवार को कैंप लगाया गया था। यहां पर कुल 158 लोगों की जांच हुई। इनमें 22 लोग पॉजिटिव मिले हैं। इस दौरान डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, फार्मासिस्ट सुशील कुमार सिंह, लैब टेक्नीशियन अजीत कुमार, अंकुर पटेल, सुजीत कुमार सिंह, विनय कुमार, गुड्डी देवी आदि मौजूद रहीं।
कैंट थाना क्षेत्र में मिले सर्वाधिक 53 मरीज
शहर की बात करें तो 142 नए मरीज मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 53 मरीज कैंट थाना क्षेत्र के हैं। इनके अलावा शाहपुर में 30, गोरखनाथ 14, कोतवाली 12, रामगढ़ ताल 10, चिलुआताल एक, गुलहरिया तीन और राजघाट में 19 मरीज मिले हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो 51 नए मरीज मिले हैं। इनमें बड़हलगंज, जंगल कौड़िया, पिपरौली, खोराबार में एक-एक, भटहट पांच, ब्रह्मपुर और कैंपियरगंज में दो-दो, चरगांवा 10, कौड़ीराम आठ, खजनी दो, पिपराइच तीन, सहजनवां 13 और गोला में दो मरीज मिले हैं।
मरने वालों में देवरिया और कुशीनगर के एक-एक
उत्तरी बशारतपुर निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को भर्ती किया था। देर रात उनकी मौत हो गई। बीआरडी में ही कैंपियरगंज के महावनखोर के रहने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत शुक्रवार को हुई है। 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत इलाज के दौरान बीआरडी में हुई है। बताया जाता है कि बुधवार को परिजनों ने भर्ती कराया था। रेलवे अस्पताल में पीपीगंज के कौड़िया निवासी 58 वर्षीय व्यक्ति को बृहस्पतिवार को भर्ती किया गया था।
शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। मृतकों में गोरखपुर का 30 वर्षीय एक युवक भी शामिल है। इसके अलावा देवरिया जिले के मझौलीराज निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत मेडिकल कॉलेज में व कुशीनगर के पडरौना निवासी 42 वर्षीय युवक की मौत पनेशिया में शुक्रवार को हुई है।
बताया जाता है कि युवक जूनियर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक था। बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टल पर देवरिया, कुशीनगर और गोरखपुर के एक व्यक्ति के मौत का आंकड़ा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। यही वजह है कि केवल तीन मौत के आंकड़े जारी किए गए हैं।