इस पर बेटे ने बेसुध मां को देखकर स्वास्थ्य कर्मियों को बुलाया। काफी मान-मनौव्वल के बाद स्वास्थ्य कर्मी आए और मौत की पुष्टि की। बेटे ने मां के शव को कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत सौंपने की बात कही, तो अस्पताल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद उसने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को संपर्क किया, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
बेटे ने बताया कि जब अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए तो खुद अपने लिए और एक अन्य स्वास्थ्य कर्मी के लिए पीपीई किट खरीदा। इसके बाद पॉलिथीन खरीद कर लाया और खुद ही शव को पैक किया। एंबुलेंस के लिए अलग से 2500 रुपये दिए और अस्पताल का भुगतान 32 हजार रुपये किया। एंबुलेंस चालक के लिए भी पीपीई किट खरीदकर दिया।
निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित की मौत
पादरी बाजार के रहने वाले 55 वर्षीय एक व्यक्ति की भी मौत कोरोना से हुई है। निजी पैथालॉजी में उनकी जांच की गई थी। रिपोर्ट रविवार को पॉजिटिव आई थी। देर रात अस्पताल में मौत हो गई। शव को पैक कराने के लिए परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार को परिजनों की मौजूदगी में राजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
असुरन चौराहे के पास पिपराइच रोड निवासी 54 वर्षीय एक व्यापारी की कोरोना संक्रमण से घर पर ही सोमवार को मौत हो गई। इस बीच परिजन मरीज को भर्ती कराने के लिए अधिकारियों के पास फोन करते रहे, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। परिजनों के मुताबिक उनकी तबीयत 18 जुलाई को खराब हुई। निजी लैब से जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लेकिन निजी लैब ने उस दिन अपडेट नहीं किया।
इस पर विभाग ने बताया कि निजी लैब ने अपडेट नहीं किया है। ऐसे में जानकारी नहीं है। अपडेट कराने के चक्कर में रविवार की रात गुजर गई। सोमवार को उनकी मौत हो गई। लापरवाही यहीं खत्म नहीं हुई। शव को कोविड-19 के तहत पैक कराने के लिए किसी तरह विभाग ने पॉलिथीन और शव वाहन भेज दिया। लेकिन कोई कर्मी नहीं भेजा। अंत में पांच हजार रुपये देकर शव को पैक कराया गया।
पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए मौत के आंकड़े
शहर के दो अस्पतालों और एक घर में कोरोना संक्रमित की मौत हो गई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं मिल सकी। विभाग के अधिकारी यह दलील देते रहे कि पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका, जबकि तीनों मौत की जानकारी परिजनों ने विभाग को दी है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि जिस प्रयोगशाला में जांच हुई, वही मौत की जानकारी सॉफ्टवेयर में अपलोड करते हैं, फिर आधिकारिक जानकारी मिल पाती है। प्राइवेट लैब से इसे लेकर शिकायतें मिल रही हैं। दाउदपुर स्थित हॉस्पिटल में भर्ती महिला के मौत की सूचना है। जब लैब अपडेट करेंगे, तो हम उसे अपनी सूची में दर्ज करेंगे।