फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर में हादसा: नागपंचमी पर पुतली पीटने के बाद पोखरे में नहाने गए तीन बच्चों की मौत, इकलौता बेटा भी शामिल

Mon, 17 Aug 2026 03:24 PM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

डुबने वालों में सचिन कक्षा छह में पढ़ता था, जबकि नौ वर्षीय अनुज कक्षा तीन का छात्र था। सचिन के पिता सूरत में मजदूरी करते हैं और अनुज के पिता गुजरात में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। तीनों बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है।
विज्ञापन
नहाते समय डूबे तीनों बच्चे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नाग पंचमी के पर्व पर रविवार को बदौली बाबू गांव में उस समय मातम पसर गया, जब पुतली पीटने की रस्म के बाद पोखरे में नहाने गए तीन बच्चे गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में हरीश (11), सचिन (14) और अनुज (9) की मौत हुई है।

विज्ञापन

बताया गया कि नाग पंचमी के अवसर पर गांव के बच्चे पोखरे के पास पुतली पीटने की रस्म में शामिल थे। इसी दौरान कुछ बच्चे पोखरे में नहाने लगे। नहाते समय तीन बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को डूबता देखकर मौके पर चीख-पुकार मच गई।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विकास सिंह बच्चों को बचाने के लिए पोखरे में उतर गए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ काफी देर तक पानी में बच्चों की तलाश की। तीनों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही तहसीलदार सुशील कुमार भारतीय, नायब तहसीलदार राकेश शुक्ला, सीईओ अनुज कुमार सिंह और कस्बा चौकी प्रभारी विकास सिंह भदौरिया समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से जानकारी ली। बांसगांव विधायक डॉ. विमलेश पासवान ने भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।

हरीश परिवार का इकलौता बेटा था
 हरीश के पिता राधेश्याम यादव दुबई में नौकरी करते हैं। परिजनों के अनुसार काफी मन्नतों के बाद हरीश का जन्म हुआ था। वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है।
विज्ञापन

सचिन और अनुज भी थे छात्र
सचिन कक्षा छह में पढ़ता था, जबकि नौ वर्षीय अनुज कक्षा तीन का छात्र था। सचिन के पिता सूरत में मजदूरी करते हैं और अनुज के पिता गुजरात में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। तीनों बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें