गोरखपुर के गोला के मेहड़ा गांव के पास रविवार सुबह सरयू नदी में स्नान करने गए तीन बच्चे गहरे पानी में डूब गए। हादसे में सगे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची को गांव के युवक ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। जिला प्रशासन ने मृत बच्चों के परिजनों को राज्य आपदा निधि से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
मेहड़ा गांव निवासी मथुरा प्रसाद की बेटी विनीता अपने तीन बच्चों के साथ एक सप्ताह पहले मायके आई थी। रविवार सुबह उसकी 14 वर्षीय बेटी शिवानी, 10 वर्षीय बेटा प्रिंस और गांव के विष्णु प्रसाद की 15 वर्षीय बेटी माया सरयू नदी में स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान तीनों बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
घाट पर मौजूद एक बच्ची के शोर मचाने पर गांव निवासी चंद्रमल यादव भोजन छोड़कर मौके पर पहुंचे और बिना देर किए नदी में कूद गए। उन्होंने पहले माया को सुरक्षित बाहर निकाला। फिर प्रिंस को बाहर लेकर आए। गंभीर हालत में प्रिंस को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस बीच ग्रामीणों ने शिवानी की तलाश जारी रखी। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव नदी से खोज निकाला गया। भाई-बहन की मौत से गांव में मातम पसरा है। हादसे की जानकारी मिलते ही तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य राजस्व टीम और थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कराई।
रिश्तेदारी गई थी मां, घर पर थे दोनों बच्चे
ग्रामीणों ने बताया कि विनीता शनिवार को अपने छोटे बेटे के साथ रिश्तेदारी में गई थी। बड़े बेटे प्रिंस और बेटी शिवानी नाना के घर पर ही थे। सुबह दोनों गांव की एक लड़की के साथ नदी में स्नान करने चले गए। उनके पिता ओंकार गांव में मजदूरी करते हैं।
पहले भी बचा चुके हैं कई लोगों की जान
ग्रामीणों के मुताबिक, चंद्रमल यादव इससे पहले भी कई लोगों को डूबने से बचा चुके हैं। इस घटना में भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर माया की जिंदगी बचाई। गांव के लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं।
बच्चों की मौत दुखद है। बच्चों के परिवार की राज्य आपदा निधि से मदद कराई जाएगी।- अमित जायसवाल, उपजिलाधिकारी गोला