गोरखपुर। ट्रेनों में हो रही भीड़ का फायदा टिकट दलालों ने उठाना शुरू कर दिया है। सोमवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गोरखपुर स्टेशन पर कुशीनगर एक्सप्रेस और एलटीटी एक्सप्रेस में तीन यात्रियाें को दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक आरक्षित टिकट पर यात्रा करते हुए पकड़ा है। तीनों के पास फर्जी आधार कार्ड मिला है।
मुखबिर की सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद ने रविवार को मुंबई जाने वाली ट्रेनों में जांच शुरू की। आरपीएफ ने ट्रेन संख्या (22537) कुशीनगर एक्सप्रेस के एस-3 कोच में चेकिंग दौरान मदन कुमार (23) नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा। जांच में पता चला कि वह दूसरे व्यक्ति के नाम बुक आरक्षित टिकट पर यात्रा कर रहा था और उसके पास उसी नाम का फर्जी आधार कार्ड भी था। इसी तरह ट्रेन संख्या (20104) लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के एस-4 कोच में बर्थ संख्या-24 और 32 पर यात्रा कर रहे दो यात्रियों उपेंद्र पासवान (30) और सरवन कुमार गोंड (29) को फर्जी नाम के टिकट और फर्जी आधार कार्ड के आधार पर यात्रा करते पकड़ा। जांच में पता चला कि ये यात्री दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक टिकट पर यात्रा कर रहे थे। यात्रियों ने बताया कि उन्होंने दलाल से टिकट लिया था और एक हजार रुपये प्रति टिकट दिए थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद ने बताया कि तीन यात्रियों को फर्जी आधार कार्ड और दूसरे के नाम बुक टिकट के साथ यात्रा करते पकड़ा गया। जिस दलाल से टिकट खरीदे गए थे उसकी तलाश में टीमें लगाई गई है।
तीन दिनों में पकड़े गए 19 यात्री, सभी फर्जी टिकट पर कर रहे थे यात्रा
गोरखपुर। फर्जी टिकट बेचने वाले दलालों का गिरोह सक्रिय हो गया है। बीते तीन दिनों में आरपीएफ ने छपरा से लखनऊ के बीच 19 यात्रियों को दूसरे के नाम बने टिकट और फर्जी आधार कार्ड के साथ पकड़ा है। जांच में पता चला है कि दो महीने पहले किसी के नाम ई-टिकट बुक कराए गए थे और अब जिसे जरूरत है उसे कूटरचित कर टिकट दे रहे हैं। इसके बदले में प्रति टिकट एक से डेढ़ हजार रुपये दलाल लेते हैं।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक आरपीएफ ने 20 जून को बुढ़वल में गाड़ी संख्या-22537 कुशीनगर एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे 06 यात्री, 21 जून को बस्ती में कुशीनगर एक्सप्रेस में चार,19038 अवध एक्सप्रेस में एक, 22 जून को बस्ती में एलटीटी एक्सप्रेस में पांच और गोरखपुर में कुशीनगर में एक और एलटीटी एक्सप्रेस में दो यात्रियों को पकड़ा है।