गोरखपुर। सोशल मीडिया पर एम्स में फर्जी नियुक्ति के लिए विज्ञापवन निकालने का मामला फिर सामने आया है। वार्ड परिचारक, रसोई सहायक और एंबुलेंस चालक सहित विभिन्न पदों पर भर्ती का दावा किया गया है। इसे देखते हुए एम्स प्रशासन ने अभ्यर्थियों को आगाह किया है और सतर्क रहने की सलाह दी है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि एम्स में सभी भर्तियां निर्धारित नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती हैं और भर्ती प्रक्रिया के किसी भी चरण में अभ्यर्थियों से धनराशि नहीं ली जाती।
एम्स प्रशासन के अनुसार, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर ‘एम्स गोरखपुर भर्ती 2026’ के नाम से फर्जी विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। इन विज्ञापनों में वार्ड परिचारक, रसोई सहायक और एंबुलेंस चालक सहित विभिन्न पदों पर भर्ती का दावा किया गया है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों से पंजीकरण शुल्क और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर धनराशि भी वसूली गई है।
मीडिया प्रभारी डॉ. आराधना सिंह का कहना है कि भर्ती से संबंधित सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल एम्स गोरखपुर की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। ऐसे में अभ्यर्थी किसी भी अनधिकृत विज्ञापन, फर्जी नियुक्ति पत्र या नौकरी के प्रस्ताव पर भरोसा न करें। उम्मीदवारों से अपील की है कि वे भर्ती प्रक्रिया के नाम पर किसी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी को कोई भुगतान न करें। यदि किसी को संदिग्ध विज्ञापन, नियुक्ति पत्र या नौकरी का प्रस्ताव प्राप्त होता है तो उसकी जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को या फिर साइबर को दें, ताकि ऐसे धोखाधड़ी करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।