गोरखपुर जिले के सहजनवां में रुपये के लेनदेन के विवाद में नान रेजिडेंट इंडियन (एनआरआई ) फोनछाई यादव उर्फ सर्वेश यादव से चेन लूट के तीन आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चेन बरामद कर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। उधर, मामला हवाला कारोबार से जुड़ने की वजह से पुलिस गहराई से जांच कर रही है। ईडी और आयकर विभाग से भी पुलिस मदद मांगी है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नीलकंठ धर दुबे के पुत्र प्रांशु धर दुबे, प्रशांत धर दुबे और मल्लाव निवासी पवन त्रिपाठी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, 27 सितंबर को सर्वेश ने पुलिस को अपहरण कर मारपीट कर लूट की सूचना दी थी।
पुलिस ने जांच की तो पता चला कि डॉलर की लूट नहीं हुई थी, बल्कि लेनदेन का विवाद है। इसके बाद ही पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा मामला हवाला के कारोबार से जुड़ा हुआ है।
इसके बाद ही पुलिस की एक टीम दिल्ली भी रवाना हुई थी। चूंकि, सच्चिदानंद नाम के एक शख्स ने सर्वेश को डॉलर दिए थे। मगर, वह पुलिस के हाथ नहीं लगा है। इधर, नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी थी। क्योंकि, लेनदेन के विवाद में ही सही, लेकिन मारपीट कर घटना को अंजाम दिया गया था।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। फर्जी सूचना देने वाले पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह हुआ था
एनआरआई सर्वेश यादव ने पुलिस को अपहरण कर लूट की सूचना दी थी। पुलिस की जांच में मामला लेनदेन का सामने आया। जांच में पता चला कि बैंकाक से नवीन दुबे ने सर्वेश को 42 हजार अमेरिकी डॉलर लेने के लिए भारत भेजा था। दिल्ली के सच्चिदानंद से 42 हजार डॉलर लेने के बाद सर्वेश को वापसी के फ्लाइट से बैंकाक जाना था, लेकिन वह गया नहीं। उसने 20 हजार डॉक्टर एक महिला से नवीन के पास भेज दिया।
महिला ने सर्वेश के पास उधार बताते हुए 10 हजार डॉलर रख लिया और 10 हजार डॉलर ही नवीन को दिया। इधर, सर्वेश सहजनवां पहुंच गया। जालसाजी की जानकारी होने पर नवीन के दोस्तों ने कार से सर्वेश को उठा लिया और फिर मारपीट कर उसके पास बचे डॉलर ले लिए। खर्च डॉलर के एवज में सोने की चेन व घड़ी ली थी।