बताया कि कोरोना वायरस दुनिया भर में 168 देशों में फैल चुका है। इनमें ग्रीनलैंड जैसे ठंडे देश तो दुबई जैसे गर्म शहर भी, मुंबई जैसे ह्यूमिड शहर और दिल्ली जैसे सूखे शहर भी हैं। इसके अलावा कोरोना वायसर को खत्म करने के लिए यह भी वायरल किया जा रहा है कि पीने और नहाने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें। बताया कि यूनिसेफ के लिए काम कर रहीं चार्लेट गोर्निज्क ने एक निजी समाचार एजेंसी को दिए अपने साक्षात्कार में इस दावे को पूरी तरह से खारिज किया है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक 3,000 से अधिक कण यानी ड्रॉपलेट्स शरीर से बाहर आकर हवा में फैल जाते हैं। इन्हीं नन्हें कणों के जरिए कोरोना वायरस फैलता है।
संक्रमित व्यक्ति के नजदीक होने पर ये कण सांस के रास्ते दूसरके व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा कभी कभी ये कण कपड़ों, दरवाजों के हैंडल और आपके सामान पर गिरते हैं। उस जगह पर किसी का हाथ पड़े और फिर वो व्यक्ति उसी संक्रमित हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह छूता है तो उसे कोरोना वायरस संक्रमण हो सकता है।
एल्कोहल और क्लोरीन के स्प्रे से नहीं मरता है कोरोना वायरस
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शरीर पर एल्कोहल अथवा क्लोरीन के स्प्रे से कोरोना वायरस मरता नहीं है। इसके अलावा हाथ को सूखाने वाली मशीन (हैंड ड्रायर) और हीटर के प्रयोग से कोरोना वायरस नहीं मरता है। लहसुन का सेवन सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है। सैलाइन से नाक साफ करने से जुकाम में जल्द आराम मिलता है, लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है।
सीएमओ ने अपील की है कि कि इस समय बच्चों और बुजुर्गों का विशेष तौर पर ध्यान रखें। उन्हे सुमन के तरीके से बार-बार हाथ धुलने के लिए प्रेरित करें। अभिभावक उनके साथ मनोरंजन का माहौल बनाए। खेल-खेल में उन्हे हाथ धुलने के बारें में बताएं। बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए उन्हे पोषण युक्त भोजन कराए, उनपर किसी भी तरह का दवाब न बनाए और न ही चिल्लाएं।
जाने सुमन का हाथ धुलने का फार्मूला
- एस- सीधा हाथ
- यू- उल्टा हाथ
- म- मुट्ठी
- ए- अंगूठा
- एन- नाखून
- के- कलाई