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गोरखपुर लॉकडाउन के दौरान पुजारी की हुई मौत, पत्नी ने पुलिस पर लगाया ये आरोप

Wed, 25 Mar 2020 11:51 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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मौके पर मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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रामगढ़ताल इलाके के महुईसुधरपुर स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी कोईल दास उर्फ टिकोरी दास (75) की मंगलवार सुबह ग्यारह बजे मौत हो गई। नाराज लोगों ने पुलिस पर पुजारी के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए सड़क पर जाम लगाने की कोशिश भी की मगर सीओ कैंट सुमित शुक्ला, कैंट इंस्पेक्टर रवि राय, इंस्पेक्टर रामगढ़ताल राणा देवेंद्र प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और भीड़ को हटाया।

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मृतक की पत्नी सुखदेई ने भी आरोप लगाया है कि पुलिस की पिटाई से हालत बिगड़ी और मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पिटाई से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल  पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, कजाकपुर निवासी टिकोरी दास 1996 से हनुमान मंदिर के पुजारी थे।  मंगलवार को लॉक डाउन होने के दौरान वह मंदिर पर पूजा पाठ करने पहुंचे थे। इस दौरान मंदिर की छत पर बुद्धिराम और गौतम खड़े थे। पुलिस लॉक डाउन का पालन कराने के लिए भीड़ को घरों में भेज रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। पुलिस ने वीडियो बनाने वाले लड़कों को पकड़ लिया।
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पुलिस लड़कों को लेकर जाना चाहती थी कि इसी दौरान टिकोरी दास बीच बचाव करने लगे। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान टिकोरी की तबीयत बिगड़ गई और तत्काल उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया मगर उसकी मौत हो गई। टिकोरी हार्ट अटैक का पुराने मरीज थे और इसी से संभवत: उनकी मौत हुई होगी।


 
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उधर, घटना के बाद पहुंची पत्नी सुखदेई का कहना है कि वीडियो बनाने वालों को पुलिस ने पकड़ा था और टिकेरीदास मंदिर पर खड़े थे। अचानक आई पुलिस ने टिकोरीदास की पिटाई शुरू कर दी जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास के लोग भी एकत्र हो गए थे। कुछ ने पुलिस द्वारा पिटाई की बात दोहराई थी कई ने यह भी कि पुलिस लॉक डाउन का पालन करा रही थी और पुजारी बीच में आए, अचानक तबीयत खराब हो गई। इसमें पुलिस की गलती नहीं है।

एसएसपी, डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान आजाद नगर चौकी क्षेत्र में कुछ लोग बहस करने लगे। पुलिस ने समझाने की कोशिश की। इसी दौरान एक बुजुर्ग की तबीयत खराब हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया लेकिन उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग का डॉ. अतुल के यहां पर काफी दिनों से उपचार चल रहा था। संभव है कि हार्ट अटैक से मौत हुई होगी। पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है। पोस्टमार्टम में पिटाई से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच का आदेश दिया गया है। ,

दोषी पुलिस वालों पर हो कार्रवाई : सपा जिलाध्यक्ष
सपा जिला अध्यक्ष राम नगीना साहनी ने कहा कि हनुमान मंदिर के पुजारी की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। यह बहुत ही दुखद व निंदनीय है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस का अत्याचार चरम पर है। कानून का राज नहीं रह गया है। नागरिकों के अधिकारों को कुचला जा रहा है। न तो किसी का  सम्मान सुरक्षित है और ना ही किसी का जीवन। थानों से सड़क तक पुलिस की मनमानी चल रही है। लोकतंत्र के लिए यह खतरे का संकेत है। दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

विधायक ने की जांच कर कार्रवाई की मांग
नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने पुजारी की मौत प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई। नगर विधायक ने एसएसपी से वार्ता कर पूरे प्रकरण की जांच को कहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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