बॉम्बे ब्लड ग्रुप खोज करने वाली एम्स गोरखपुर में विशेषज्ञों की टीम।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने 40 वर्षीय महिला महिला में अत्यंत दुर्लभ ब्लड ग्रुप खोजा है। यह रक्त समूह विश्व में 10 लाख में से एक और भारत में प्रति 10 हजार में एक व्यक्ति में पाया जाता है। इस ब्लड ग्रुप को 'बाॅम्बे ब्लड ग्रुप' कहा जाता है।
वर्ष 1952 में डॉ. वाईएम भेंडे की ओर से मुंबई में खोजे गए इस समूह में 'एच' एंटीजन नहीं होता। यह ओ ग्रुप जैसा दिखता है लेकिन इस ग्रुप के मरीज एंटी-एच एंटीबॉडी के कारण केवल इसी ग्रुप से खून ले सकते हैं। अभी तक गोरखपुर एम्स के इतिहास में इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है, जिसे चिकित्सकीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।