गोंडा जंक्शन से हर दिन 136 जोड़ी ट्रेनों का आवागमन होता है। इसके चलते लखनऊ और सीतापुर की तरफ से आने वाली ट्र्रेनों की रफ्तार बुढ़वल से गोंडा के बीच सुस्त हो जाती है। हालांकि गोंडा से बुढ़वल के बीच डबल ट्रैक है, लेकिन ट्रेनों की संख्या इतनी ज्यादा है कि आए दिन किसी न किसी स्टेशन पर सुपरफास्ट ट्रेनों को पास कराए जाने के लिए दूसरी ट्रेनें खड़ी कर दी जाती हैं।
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- गोंडा-बुढ़वल (61.72 किमी) तीसरी लाइन
- लागत : 714.34 करोड़
- प्रथम चरण में गोंडा कचहरी-करनैल गंज (23.65 किमी) के बीच होगा काम
- तीसरी लाइन बन जाने से बढ़ जाएगी ट्रेनों की औसत रफ्तार
एनईआर सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि गोंडा- बुढ़वल के मध्य तीसरी लाइन के होने से ट्रेनों का परिचालन सुगम हो सकेगा। इस खंड पर पांच अलग- अलग दिशाओं से ट्रैफिक आती है। गोरखपुर से मुख्य मार्ग एवं लूप लाइन से आने वाली ट्रेनें, बहराइच से आने वाली ट्रेनें इसी प्रकार लखनऊ से एवं सीतापुर से आने वाली ट्रेनें इसी रूट से आती हैं। गोरखपुर के आस-पास तीसरी लाइन पहले से ही प्रगति पर है, अब इस तीसरी लाइन के बन जाने से मांग के अनुरूप अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।