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Gorakhpur News: आठ गांवों में फंसी योजना, जमीन के अभाव में नहीं बनी पानी की टंकी

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- छह ब्लॉक के हैं ये गांव, यहां शुद्ध पेयजल के लिए करना होगा इंतजार
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जलजीवन मिशन के तहत तीन कंपनियां करा रहीं है टंकी निर्माण व पाइप लाइन बिछाने का कार्य

गोरखपुर। जल जीवन मिशन के तहत हर घर को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की योजना जिले के आठ गांवों में फंस गई है। इन गांवों में पानी की टंकी बनाने को जमीन नहीं मिली है। लिहाजा इन गांवों के लोगों को शुद्ध पानी के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
ये गांव छह ब्लॉक क्षेत्रों में हैं। यहां मानक के अनुसार 500 से 1000 वर्ग मीटर जमीन चाहिए। समस्या यह है कि इन गावों में एक जगह ग्राम समाज पास इतनी जमीन ही नहीं है। जिले में कुल 1273 ग्राम सभाएं हैं। इनमें से 1120 गावों में पानी सप्लाई के लिए पानी की टंकी का निर्माण व पाइप लाइन बिछाने का कार्य तीन कंपनियों एनसीसी, ऋतबिक कोया तथा बीटीएल के हवाले है। इनमें से एनसीसी को 628 गांव, बीटीएल को 301 और ऋतबिक कोया को109 गावों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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इन गांवों में नहीं मिली है जमीन
ब्लॉक गांव का नाम
खजनी आसापार
पिपरौली जंगल दीर्घन सिंह
कौड़ीराम मेहरौली, मानो किशुनपुर
उरुवा बुधनापार बुजुर्ग
गोला देवारी बारी
बड़हलगंज मझौलिया खास, करवट


निर्माण कराने वाली कंपनी दस साल तक करेगी रख-रखाव
पानी की टंकी का निर्माण व पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनियों के कर्मचारी पंपहाउस पर रहेंगे। वही पानी चलाने का कार्य करेंगे। 10 साल तक रख रखाव की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। पानी की टंकी में पानी चढ़ाने के लिए मोटर को सोलर एनर्जी से चलाया जाएगा। इसके लिए 39 किलो वाट का सोलर पैनल लगाया गया है। जिस घर में पानी जाएगा वहां से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह शुद्ध जल ग्रामीणों को मुफ्त उपलब्ध होगा।
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जिले में 700 पानी की टंकी का निर्माण हो गया है। शेष का निर्माण कार्य चल रहा है। आठ गांवों में जमीन नहीं मिल पाई है इसलिए वहां योजना का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
अखिलानंद, अधिशासी अभियंता जल निगम
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