फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: रेलवे ट्रैक पर बढ़ा रहे बिजली की क्षमता ताकि आगे-पीछे चल सके वंदेभारत

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। छपरा से गोरखपुर होकर लखनऊ के रास्ते स्लीपर वंदेभारत और कुछ अमृत भारत ट्रेनें इस साल चलाने की तैयारी है। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगने से अब एक ही ट्रैक पर ट्रेनें आगे पीछे चलने लगी हैं। लेकिन, वंदेभारत और अमृत भारत जैसी हाई स्पीड ट्रेनों को एक किमी के दायरे में चलाने में ज्यादा वोल्टेज की जरूरत है वरना ट्रेन स्पीड ही नहीं पकड़ेगी। इसके लिए रेल प्रशासन छपरा से बाराबंकी तक रेलवे ट्रैक पर बिजली की क्षमता को बढ़ाकर 25 हजार की जगह 50 हजार वोल्ट करने के लिए तेजी से काम करवा रहा है। इस साल तक ज्यादा खंड में यह काम पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन

दरअसल, अभी ट्रेनों की स्पीड 110 किमी प्रति घंटे है और भविष्य में 130 किमी प्रति घंटे करने की तैयारी चल रही है। इसी के तहत ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का काम भी तेजी से हो रहा है। करीब 140 किमी लंबाई में काम पूरा हो चुका है। यहां ट्रेनें अब एक किमी की दूरी के अंदर आगे-पीछे चलने लगी हैं। नया सिस्टम लगने से एक ब्लॉक (लगभग 10 किमी) में तीन ट्रेनों का संचालन एक साथ हो सकेगा। इससे बिजली की खपत भी तीन गुना बढ़ जाएगी।
लेकिन, वंदेभारत को चला पाना संभव नहीं है क्योंकि इसके लिए 25 हजार से ज्यादा वोल्ट बिजली की जरूरत होगी। वहीं, अमृत भारत में एक साथ दो-दो इंजन काम करते हैं। एक इंजन ट्रेन को आगे खींचता है तो पीछे से दूसरा धक्का लगाता है। इससे ट्रेनों की औसत गति में सुधार होता है, लेकिन डबल इंजन होने पर इसमें पॉवर की खपत भी अधिक होती है।
विज्ञापन

इसके लिए छपरा से गोरखपुर होते हुए बाराबंकी तक मुख्य लाइन पर लगे ओवरहेड विद्युत (ओएचई) लाइन की क्षमता बढ़ाई जा रही है। केबिल वायर से लेकर पॉवर हाउस तक में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। पॉवर सब स्टेशनों की क्षमता भी दोगुनी की जा रही है। बाराबंकी से गोरखपुर कैंट के बीच 496.17 करोड़ और गोरखपुर कैंट-छपरा ग्रामीण तक 369.85 करोड़ रुपये इस काम के लिए खर्च किए जाएंगे। गोरखपुर कैंट से बाराबंकी के बीच 6284 फाउंडेशन तैयार कर लिए गए हैं तथा 2334 मास्ट खड़े कर दिए गए हैं। इसी प्रकार गोरखपुर कैंट तथा छपरा ग्रामीण के मध्य 6538 फाउंडेशन तैयार किए गए हैं तथा 1226 मास्ट खड़े कर दिए हैं।



इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे लाइन की कर्षण क्षमता दोगुनी करने के लिए बाराबंकी से गोरखपुर तथा गोरखपुर से छपरा के मध्य तेज गति से कार्य किया जा रहा है। फाउंडेशन और मास्ट खड़ा किए जा रहे हैं। इन कार्यों के हो जाने से आने वाले समय में 130 किमी प्रति घंटा के रफ्तार से ट्रेनों के संचलन में कर्षण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें