अंजू ने लगभग 400 घरों की महिलाओं को जोड़कर होम मेड गुजिया और कुकीज का कारोबार खड़ा किया है। उनके इस प्रयास से न सिर्फ लोगों को शुद्ध और स्वादिष्ट मिठाई मिल रही है, बल्कि अन्य महिलाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है। अंजू बताती हैं कि पिछले कुछ वर्षों में मिलावटखोरी की खबरों के बाद लोगों का भरोसा बाजार की मिठाइयों से कुछ हद तक कम हुआ है।
रंगों के त्योहार होली को लेकर शहर में तैयारियां चरम पर हैं। बाजार में जहां रंग, पिचकारी और अबीर-गुलाल की रौनक है, वहीं मिठाइयों की दुकानों और घरों में भी खास चहल-पहल देखने को मिल रही है। इस बार खास बात यह है कि बाजार की मिठाइयों के बजाय लोगों का रुझान तेजी से होम मेड गुजिया और कुकीज की ओर बढ़ा है।
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इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर में अब तक करीब 1500 किलो से अधिक गुझिया की बिक्री हो चुकी है। लालडिग्गी की अंजू ने इस बार होली के मौके पर एक मिसाल पेश की है। अंजू ने लगभग 400 घरों की महिलाओं को जोड़कर होम मेड गुजिया और कुकीज का कारोबार खड़ा किया है।
उनके इस प्रयास से न सिर्फ लोगों को शुद्ध और स्वादिष्ट मिठाई मिल रही है, बल्कि अन्य महिलाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है। अंजू बताती हैं कि पिछले कुछ वर्षों में मिलावटखोरी की खबरों के बाद लोगों का भरोसा बाजार की मिठाइयों से कुछ हद तक कम हुआ है।
ऐसे में घर पर बनी शुद्ध सामग्री से तैयार गुजिया की मांग बढ़ी है। इस बार उन्हें लखनऊ के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में ऑर्डर मिले हैं। खासतौर पर ड्राई फ्रूट गुजिया, शुगर फ्री गुजिया और बेक्ड कुकीज की मांग अधिक रही।
महिलाएं घरों में पारंपरिक तरीके से मावा, सूजी और नारियल की स्टफिंग तैयार कर रही हैं। स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पैकिंग भी आकर्षक और सुरक्षित ढंग से की जा रही है, जिससे त्योहार की खुशियों में मिठास बनी रहे।
महिलाओं का कहना है कि घर की बनी गुजिया का स्वाद अलग ही होता है, जिसमें मां के हाथों का प्यार और परंपरा की खुशबू शामिल होती है। होली के इस सीजन में अंजू और उनकी टीम ने न केवल आर्थिक मजबूती हासिल की है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम बढ़ाया है।
महिलाओं से बातचीत
होली पर मिलावटी सामान से बचना जरूरी है। बाजार की मिठाइयों में शुद्धता नहीं रहती है। ये कई दिन पहले ही तैयार कर ली जाती हैं जो सेहत के लिए अच्छा नहीं है: मनीषा सिंह
घर पर बनी मिठाइयों का स्वाद अलग होता है। परिवार के सभी लोग साथ में मिलकर खोआ से लेकर गुझिया तक तैयार करते हैं। इससे साथ में समय बिताने का मौका भी मिलता है: अंजना राजपाल
होली पर बुजुर्गों और बच्चों के लिए घर के बने पकवान ज्यादा अच्छे होते हैं। घर पर बने पकवान में तेल, चीनी, मैदा सहित अन्य सामान शुद्ध और संतुलित मात्रा में होता है: अर्चना सिंह
होली का असली मजा घर पर बने पकवानों में ही है। घर की बनी गुझिया दो की जगह चार खा लेने पर भी स्वास्थ्य की चिंता नहीं रहती है। नमकीन, पापड़ से लेकर मिठाइयां तक सब घर पर बना रही हूं: शिवांगी श्रीवास्तव