गोरखपुर। जिले में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत अभी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी है। उपभोक्ताओं को सिलिंडर के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों के मुताबिक, जिले में इस समय करीब चार दिनों का बैकलॉग चल रहा है। गैस संकट का असर शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। रविवार को शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों पर सुबह के समय भीड़ रही।
जानकारी के अनुसार, जिले में प्रतिदिन करीब 30 हजार घरेलू गैस सिलिंडरों की मांग है, जबकि आपूर्ति केवल 24 हजार सिलिंडर की ही हो पा रही है। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर के कारण बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कई इलाकों में लोगों को तीन से चार दिन बाद डिलीवरी मिल रही है।
कई परिवार वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन और इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाकर छोटे सिलेंडर या अन्य विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं।
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, सप्लाई सामान्य नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है। ट्रांसपोर्ट और लोडिंग स्तर पर देरी की वजह से समय पर सिलिंडर नहीं पहुंच पा रहे हैं। एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। होम डिलिवरी को प्राथमिकता मिल रही है।
इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में 30,000 गैस सिलिंडर की जगह 24,000 की आपूर्ति हो रही है। होम डिलिवरी तेजी से कराकर बैकलॉग को समाप्त किया जा रहा है। जहां ज्यादा बैकलॉग है, वहां ज्यादा सिलिंडर की आपूर्ति दी जा रही है।