गोरखपुर। मौसम में लगातार बढ़ रही गर्माहट का असर अब बच्चों की सेहत पर पड़ने लगा है। जिले में डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एम्स और जिला अस्पताल के इमरजेंसी में रविवार को कुल 40 बच्चों का इलाज किया जा चुका है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में दूषित भोजन और पानी के सेवन से बच्चों में डायरिया, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी में रोजाना पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। खासकर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है। डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव और तापमान बढ़ने से खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं। ऐसे में बाहर का खाना, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ और दूषित पानी बच्चों के लिए खतरा बन रहे हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जय कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या में तेजी आई है। अब तक 90 बच्चों का इलाज किया जा चुका है, जिनमें कई बच्चों को डिहाइड्रेशन की समस्या के कारण भर्ती करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बच्चों में बार-बार पतला दस्त, उल्टी, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
एम्स के फिजिशियन डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि गर्मी में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। दूषित भोजन और पानी के सेवन से बच्चों की आंतों में संक्रमण हो जाता है और डायरिया की शिकायत होने लगती है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को ताजा और साफ भोजन देने की सलाह दी।
डॉक्टरों का कहना है कि डायरिया के दौरान शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। ऐसे में बच्चों को ओआरएस घोल, नारियल पानी और तरल पदार्थ देते रहना चाहिए। यदि बच्चा सुस्त हो जाए, पेशाब कम आए या बार-बार उल्टी हो रही हो तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
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बचाव के उपाय
- शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी पीते रहें।
- मौसमी फल, सब्जी, खीरा, ककड़ी, बेल, तरबूज का सेवन करें।
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
- धूप में न निकलें।
- सुबह ठंडे पानी से नहाएं, ताकि तासीर बनी रहें।