गोरखनाथ मंदिर गेट पर कारतूस के साथ पकड़े गए झारखंड के युवकों से बृहस्पतिवार को भी पूछताछ जारी रही। एक आरोपी सौरभ ने बताया कि वह गोरखपुर में रहकर एक मंदिर के पुजारी की गाड़ी चलाता था, इस वजह से उसका लाइसेंस गोरखपुर से ही बना है। उसी लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए अपने दोस्त अविनाश के साथ गोरखपुर आया था। इस दौरान मंदिर घूमने चला गया था।
हालांकि, उसके झोले में कारतूस कहां से आया है, इसके बारे में वह जानकारी नहीं दे पा रहा है। पुलिस ने आरोपियों पर आर्म्स एक्ट का केस दर्ज कर लिया है। इसके पहले भी दो बार बाहरी लोग तमंचा और कारतूस के साथ पकड़े जा चुके हैं।
आरोपियों की पहचान झारखंड के गढ़वा इलाके के मध्या गांव निवासी सौरभ और अविनाश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सौरभ कुसम्ही इलाके के एक प्रसिद्ध मंदिर के पुजारी की गाड़ी चलाता था। पुजारी का ससुराल झारखंड में ही है। इस वजह से वह यहीं पर कई साल तक रहा है। पुजारी से मुलाकात करने के बाद दोनों गोरखनाथ मंदिर घूमने के लिए गए थे।