पुलिस के अनुसार, पंकज शाही ने शशांक त्रिपाठी से अच्छा रिटर्न देने का लालच देकर रुपये लिए थे। 10 मार्च को उसने रुपये लौटाने के बहाने शशांक को बुलाया था। शशांक अपने मित्र प्रियांशु सिंह के साथ वहां पहुंचा था। इसी दौरान पंकज ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया और फायरिंग कर दी।
रामगढ़ताल इलाके में बीते 10 मार्च को पैसे के लेन-देन के विवाद में बीए के छात्र प्रियांशु सिंह को गोली मारने के मामले में पुलिस ने एक गैंगस्टर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक तमंचा, जिंदा कारतूस और एक लग्जरी कार बरामद की गई है।
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पुलिस लाइंस में शुक्रवार को एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बड़हलगंज के महुआपार निवासी गैंगस्टर पंकज शाही, गगहा के कोठा के सर्वेश उर्फ राहुल सिंह, बांसूडीला गांव के लालू यादव और ठठौली गांव के युवराज सिंह उर्फ राज के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 10 मार्च की रात पंकज शाही ने बुद्ध विहार पार्ट-सी निवासी शशांक त्रिपाठी को साढ़े तीन लाख रुपये लौटाने के बहाने चिड़ियाघर के पास बुलाया था। वहां पहले से मौजूद युवराज, राहुल और लालू ने शशांक और उसके मित्र प्रियांशु सिंह पर हमला कर दिया।
इस दौरान फायरिंग में गोला के दीपगढ़ निवासी प्रियांशु सिंह के दोनों पैरों में गोली लग गई, जबकि शशांक के सिर पर पिस्टल के बट से वार कर घायल कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में पंकज शाही पर पहले से छह, सर्वेश उर्फ राहुल सिंह पर सात, लालू यादव पर चार और युवराज सिंह पर छह मामले दर्ज हैं।
युवराज सिंह गगहा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। उस पर एनएसए की कार्रवाई भी हो चुकी है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को पूछताछ के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से चारों को जेल भेज दिया गया।
छात्रनेता के घर फायरिंग करने वाले बीजेपी नेता के बेटे ने दी थी पिस्टल
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि घटना में प्रयुक्त पिस्टल और तमंचा बेतियाहाता निवासी आर्थक प्रताप सिंह से खरीदा गया था, जो वर्तमान में छात्रनेता के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, करीब छह माह पहले आर्थक प्रताप सिंह ने युवराज सिंह को अवैध पिस्टल और तमंचा बेचा था।
इसी तमंचे से रामगढ़ताल क्षेत्र में प्रियांशु सिंह को गोली मारी गई थी। पुलिस अब आर्थक प्रताप सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आर्थक प्रताप सिंह का नाम भी बढ़ाया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, पंकज शाही के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं और उसे एक फ्रॉड के मामले में हरियाणा पुलिस भी तलाश रही थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
घायल प्रियांशु डीडीयू का छात्र, शशांक प्राइवेट कंपनी में करता है नौकरी
पुलिस के अनुसार, पंकज शाही ने शशांक त्रिपाठी से अच्छा रिटर्न देने का लालच देकर रुपये लिए थे। 10 मार्च को उसने रुपये लौटाने के बहाने शशांक को बुलाया था। शशांक अपने मित्र प्रियांशु सिंह के साथ वहां पहुंचा था। इसी दौरान पंकज ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया और फायरिंग कर दी।
गोली लगने से प्रियांशु सिंह घायल हो गया। घायल प्रियांशु सिंह डीडीयू का बीए का छात्र है, जबकि शशांक त्रिपाठी एक प्राइवेट कंपनी में सेल्स का काम करता है।