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UP: खुद को लखनऊ सीएमओ ऑफिस का अधिकारी बताया... युवती से 1.15 लाख की ठगी- जानिए कैसे

Sat, 14 Mar 2026 03:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ सीएमओ कार्यालय का अधिकारी बताकर कहा कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न से संबंधित चार धाराओं में मामला दर्ज है। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को बदनाम करने और उसके परिवार को फंसाने की धमकी दी। इसके बाद मामले को दबाने के नाम पर उसने 1.15 लाख रुपये की मांग की। धमकी से डरकर युवती ने अलग-अलग बैंक खातों से यूपीआई के जरिये कुल 1.15 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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साइबर ठगी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शाहपुर के पादरी बाजार क्षेत्र की एक युवती से साइबर ठगों ने खुद को लखनऊ सीएमओ कार्यालय का अधिकारी बताकर 1.15 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि सेक्सुअल असॉल्ट केस में फंसाने की धमकी देकर ठगों ने रकम ट्रांसफर कराई। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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संगम चौराहा, मानस विहार कॉलोनी पादरी बाजार निवासी संजना नायक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं। 23 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल की।

कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ सीएमओ कार्यालय का अधिकारी बताकर कहा कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न से संबंधित चार धाराओं में मामला दर्ज है। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को बदनाम करने और उसके परिवार को फंसाने की धमकी दी।

इसके बाद मामले को दबाने के नाम पर उसने 1.15 लाख रुपये की मांग की। धमकी से डरकर युवती ने अलग-अलग बैंक खातों से यूपीआई के जरिये कुल 1.15 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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कुछ देर बाद जब युवती ने अपनी बड़ी बहन को घटना की जानकारी दी, तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़िता ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन के नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और एनसीआरपी पोर्टल पर भी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने बताया कि अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से आरोपी की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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