छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस (15114) के स्लीपर कोच में रखे एक बक्से में मिली महिला की लाश की जांच के मामले में जीआरपी को अभी तक अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कप्तानगंज से तमकुहीरोड के बीच पांच स्टेशनों को जांच के मुख्य दायरे में रखा गया है।
महिला की लाश नए बक्से में रखी गई थी, ऐसे में जांच टीम बक्सा बेचने वालों से भी पूछताछ कर सकती है। पुलिस स्टेशनों के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगालेगी। 17 मई को छपरा से चलकर गोमतीनगर (लखनऊ) स्टेशन पहुंची ट्रेन के स्लीपर कोच एस-वन में एक बक्से में महिला का कटा हुआ शव मिला था।
अब तक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। कातिल की खोजबीन में जुटी जीआरपी की टीमें लगातार रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच कर रही हैं। अब तक कहीं भी कोई संदिग्ध नहीं मिला है और न ही कोई बक्सा लाता दिखा।
लखनऊ से गोरखपुर कैंट तक सभी स्टॉपेज वाले स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे की जांच की जा चुकी है। जांच में जुटी टीमों को शक है कि छोटे स्टेशनों पर ही लाश वाले बक्से को ट्रेन में रखा गया है। खासकर ऐसे स्टेशन जहां यात्रियों के चढ़ने की संख्या काफी कम होती है। इसी आधार पर जीआरपी जांच में जुटी है।
मंगलवार को लखनऊ जीआरपी की टीमें कप्तानगंज पहुंचीं व जांच-पड़ताल की। अब कप्तानगंज, रामकोला, पडरौना, दुधही और तमकुहीरोड स्टेशन जांच के दायरे में हैं। यहां स्टेशन से लेकर प्रवेश द्वार के बाहर दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जा रहे हैं। जीआरपी ने स्थानीय पुलिस से भी मदद ली है।
इस संबंध में एसपी जीआरपी लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। लखनऊ की जांच टीम को पूरा सहयोग किया जा रहा है।