गोरखपुर। भगवान बुद्ध की शिक्षा प्रज्ञा, करुणा, मैत्री और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। हिंसा पर अहिंसा और भेदभाव पर समानता की विजय ही धम्म विजय का संदेश है। यह बात दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश-पूरब द्वारा जिला अधिवक्ता बार एसोसिएशन, कलेक्ट्रेट कचहरी में आयोजित धम्म विजय दशमी एवं सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कही।
वक्ताओं ने कहा कि आज भेदभाव, अंधविश्वास और हिंसा को समाप्त करने के लिए शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवीय मूल्यों को अपनाना जरूरी है। त्रिशरण और पंचशील को जीवन में उतारकर आचरण बेहतर बनाया जा सकता है।
चार क्षेत्रों में दिया गया सम्राट अशोक अवार्ड
सामाजिक क्षेत्र विचण्डी प्रसाद, सुरेन्द्र प्रताप सिंह, गुरु प्रसाद मदन एडवोकेट। खेल क्षेत्र परवीन, कबीर, विजय भास्कर, दीप मौर्य, अमितेश कुमार आनंद, शगुन कुमारी। पत्रकारिता क्षेत्र डॉ. अनिल गौतम, सेराज अहमद कुरैशी, सुशील कुमार, अजीत कुमार यादव, डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, रमेश कुमार चौहान। कला क्षेत्र में राजकुमार, शम्भू श्रीवास्तव, अशोक यादव बौद्ध, वीरेन्द्र कुमार अम्बेडकर।
मुख्य वक्ता सहायक नगर आयुक्त सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बुद्ध के विचारों को अपनाने से समाज में शांति, स्वच्छता और सद्भाव बढ़ेगा। समारोह में मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गुरु प्रसाद मदन रहे। भन्ते विनय कीर्ति, भन्ते संघदीप, भन्ते शान्त कुमार, भन्ते जीवक का सानिध्य रहा। अध्यक्षता बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री लालमन एडवोकेट ने की। स्वागत जिला सचिव दुर्गेश चौधरी एडवोकेट ने किया।
इस अवसर पर विचण्डी प्रसाद, महेन्द्र कीर्ति, रामचन्द्र बौद्ध, श्रवण कुमार पटेल, सुरेन्द्र भारती, डॉ. अजय प्रकाश गौतम, लाल बहादुर बौद्ध, आनंद जीत लाल आदि मौजूद रहे।