गंगेश हत्याकांड की एसआईटी कर रही है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गंगेश हत्याकांड में फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जहर से मृत्यु होने की पुष्टि के पश्चात पुलिस की जांच प्रक्रिया से परिजन हैरान हैं। उनका कहना है कि दावा था कि एसआइटी (स्पेशल इंवेस्टिगेंशन टीम) का गठन होने के बाद तेजी से जांच करके पुलिस जल्द ही यह निर्णय ले लेगी कि गंगेश के साथ क्या हुआ था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। आरोपियों से अधिक पीड़ित परिवार से ही पूछताछ हो रही है।
आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग तेज होने और मामला तूल पकड़ने पर एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने गंगेश हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई की अगुवाई में चार सितंबर को एसआइटी गठित की। इसमें सीओ कैंट अंशिका वर्मा, प्रभारी निरीक्षक कैंट संजय सिंह व प्रभारी निरीक्षक एम्स रणधीर मिश्रा को शामिल किया गया है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का विश्लेषण करने के लिए एम्स के फोरेंसिक साइंस विभाग के एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। गंगेश के परिजनों का आरोप है कि पूछताछ व जांच के नाम पर उनके परिवार व गंगेश के दोस्तों को ही थाने बुलाया जा रहा है। सुबह थाने आने के बाद शाम तक उन्हें बैठाया जा रहा है। दिल्ली में रहने वाली गंगेश की पत्नी को भी एसआइटी गोरखपुर बुला रही है। घटना के दिन भी वह दिल्ली में ही थीं।
अच्छे से जांच हो इसके लिए ही एसआईटी गठित की गई है। परिजनों को पूछताछ में पुलिस की मदद करनी चाहिए। तभी जल्द इस केस का खुलासा हो सकेगा। पुलिस हर पहलुओं को ध्यान में रखकर एक-एक कदम आगे बढ़ा रही है। बहुत जल्द इस केस का खुलासा कर दिया जाएगा।
अंशिका वर्मा, सीओ कैंट