गोरखपुर में रामगढ़ताल की तर्ज पर शहर के उत्तरी छोर पर स्थित चिलुआताल को विकसित करने में कम से कम कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाएगा। घाट के आसपास पॉम ट्री नहीं लगाए जाएंगे। लेक मैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर आनंद मल्ली गावड़ के निरीक्षण के बाद पर्यटन विभाग ने उनके निर्देशों के बाद विकल्प की तलाश शुरू कर दी है।
चिलुआताल के सुंदरीकरण के बाद गोरखपुर के पर्यटन का नया ठिकाना बन जाएगा। अब तक यहां आने से जो लोग कतराते हैं, लेकिन आने वाले समय में यहां की खूबसूरती देखने पहुंचेंगे।
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पर्यटन विभाग ने चिलुआताल पर 560 मीटर पक्का घाट, ट्रैक, गजेबिया, बेंच और शौचालय के लिए करीब 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शाासन को भेजा था। शासन ने प्रस्ताव को स्वीकृत करते हुए बजट जारी कर दिया है। इसके बाद इसका काम तेजी के साथ चल रहा है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि लेक मैन ऑफ इंडिया के निरीक्षण के दौरान घाट की प्राकृतिक खूबसूरती का बनाए रखने के लिए कई निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों पर पूरी तरह से अमल किया जाएगा। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है।